शहरी जलापूर्ति फेज टू का काम सिर्फ 47 प्रतिशत
धनबाद शहरी क्षेत्र में 12 जल जलमीनार है, जिससे अभी एक वक्त की जलापूर्ति हो रही हैं. इस व्यवस्था में सुधार के लिए जून 2020 में शहरी जलापूर्ति योजना फेज टू के तहत मैथन से भेलाटांड़ तक समानांतर पाइप बिछाने का काम शुरू हुआ था. परंतु अब तक 47 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है. इस योजना पर 4.41 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है. काम एल एंड टी कंपनी को दिया गया है. दिसम्बर में काम पूरा करना था. मगर जो रफ्तार है, उसे देख कर लग रहा है कि अगले एक साल में भी यह पूरा नहीं होगा. हाल ही में डीसी संदीप सिंह बैठक भी कर चुके हैं. बावजूद काम में सुधार नजर नहीं आ रहा है.दो साल में बनी सिर्फ एक जलमीनार
निगम क्षेत्र का कतरास अंचल, शहरी क्षेत्र में आता है. इस क्षेत्र में वार्ड संख्या 1 से 13 तक नगर निगम द्वारा पानी पहुंचाना है. 166 करोड़ की इस योजना का काम श्री राम ईपीसी कंपनी को दिया गया था. कंपनी ने घरों में पानी का कनेक्शन दे दिया, लेकिन जलमीनार बनाना भूल गई. पिछले 2 साल में 8 जलमीनार का निर्माण होना था, लेकिन अब तक सिर्फ एक जल मीनार बनी है. जलापूर्ति बाधित है और योजना का 42 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है. नियमानुसार यह काम दिसम्बर 2021 में ही पूरा हो जाना था.41 प्रतिशत पर अटकी झमाडा जलापूर्ति योजना
312 करोड़ रूपये की शहरी जलापूर्ति योजना का काम झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार को दिया गया है. वर्ष 2019 से काम चल रहा है. काम मार्च 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था. परंतु अब तक 41 प्रतिशत ही काम हुआ है. योजना का काम कर रहे जीएमसी के अधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिलने से काम बाधा उत्पन्न हो रही है. कम्पनी के काम पर झरिया विधयिका भी सवाल उठा चुकी हैं. फिर भी अगले एक साल में काम पूरा होने की उम्मीद कम है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-video-viral-after-raping-minor-girl-accused-youth-arrested/">धनबाद:नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के बाद वीडियो वायरल, आरोपी युवक गिरफ्तार [wpse_comments_template]
















































































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