धनबाद : खसरा और रूबेला से बचाव के लिए अप्रैल से टीकाकरण अभियान
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) मिजिल्स रुबेला संक्रमण की रोकथाम को लेकर गुरुवार 2 मार्च को समाहरणालय में डीसी संदीप सिंह ने विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की.डीसी ने कहा कि भारत सरकार ने इस साल इस बीमारी को रोकने के लिये लक्ष्य निर्धारित किया है. यह अभियान अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जिसमें 9 महीने से लेकर 15 साल तक के जिले के लगभग आठ लाख से अधिक बच्चों का एमआर टीकाकरण किया जाएगा. सभी स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य संस्थान में टीकाकरण किया जाएगा. इस अभियान में शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, सभी पंचायती राज संस्थान एवं एनजीओ के लोग सहयोग प्रदान करेंगे. शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग माइक्रो प्लान बनाकर और प्रचार प्रसार करेगा. उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि अभियान की तैयारी करने के लिए अभी पर्याप्त समय है. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं एमओआईसी स्वयं माइक्रो प्लान तैयार करें जिससे कोई बच्चा छूटे नहीं। साथ ही प्रखंड में मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्यों का सहयोग ले. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के डॉक्टर अमित कुमार ने कहा कि अभियान के अंतर्गत 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा. अगर बच्चे ने पहले भी टीका लिया है तो भी उसे टीका दिया जाएगा. खसरा रोग से मुक्ति पाने तथा रूबेला से बचाव के लिये यह टीका अत्यंत जरूरी है. बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है. यह वायरस द्वारा फैलता है. इसके कारण बच्चों में दिव्यांगता तथा असमय मृत्यु हो सकती है. वहीं रूबैला भी एक संक्रामक रोग है. यह लड़के या लड़की दोनों को संक्रमित कर सकता है. यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरुआती चरण में इससे संक्रमित हो जाए तो कंजेनिटल रूबैला सिंड्रोम (सीआरएस) हो सकता है जो उसके भ्रूण तथा नवजात शिशु के लिए घातक सिद्ध हो सकता है. उन्होंने कहा खसरा रूबैला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है. इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है. बच्चों को यह टीका एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी द्वारा लगाया जाएगा. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार सहित नगर निगम, माडा, टाटा सेंट्रल हॉस्पिटल, नेहरू युवा मंच, शहर के विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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