ब्रुसेल्ला वैक्सीन ही एकमात्र इलाज
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण सिंह ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक, पशुओं में गर्भपात से लगभग एक लाख या उससे अधिक का नुकसान पशुपालकों को हो जाता है. पशुओं में यह संक्रमण एक बार आ जाए तो उम्र भर बना रहता है. पशुओं के इस रोग का कोई इलाज नहीं होता है. चार से आठ महीने की उम्र के मादा गोवंशों व भैंस के बच्चे को ब्रुसेल्ला वैक्सीन के जरिये ही इस बीमारी से बचाया जा सकता है.सरकार की अनुमति मिली तो शुरू होगा तीसरा फेज
[caption id="attachment_340509" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="185" /> मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण सिंह[/caption] उन्होंने बताया कि जिले में 25663 मादा गोवंशों को वैक्सीन लग गई है. टीम निरंतर अपने मिशन पर तत्पर रहती हैं और नतीजा है कि पहले फेज में 20,100 तथा दूसरे फेज में 5,563 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार की अनुमति मिले तो तीसरे फेज का भी टीकाकरण किया जाएगा. श्री सिंह बताया कि जिन पशुओं को टीके लगाए जा रहे है, उनके कान में टैग लगाया जा रहा है. टीका लगने के 28 दिन बाद पशुओं के सीरम का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/voting-begins-for-three-posts-of-dhanbad-dmda-148-members-will-cast-their-votes%e0%a4%ae%e0%a4%a4/">धनबाद
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