Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि के आदे-अधूरे भवन किसी दबाव में हैंडओवर लेने के कुलपति के आरोप ने सरकार के शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है. उस आरोप की सत्यता अथवा वास्तविकता की जानकारी के लिए सरकार के तकनीकी शिक्षा कौशल विकास और उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार 20 जनवरी को धनबाद आ रहे हैं. वह विश्वविद्याल के अन्य मामलों सहित भवन का भी निरीक्षण करेंगे.
दौरे का कारण तकरार या शिफ्टिंग की रफ्तार !
ज्ञातव्य है कि कुलपति प्रो सुखदेव भोई ने विगत तीन जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्होंने सरकार के दबाव में अधूरा विवि भवन हैंडओवर लिया. उनके इस वक्तव्य की चर्चा विश्वविद्यालय में हो रही है. हालांकि विवि के अधिकारी प्रधान सचिव के दौरे को शिफ्टिंग की प्रक्रिया को रफ्तार देने के कदम के रूप में प्रचारित कर रहे हैं. परंतु जानकारों की नजर में सरकार पर कुलपति के गंभीर आरोप के बाद सचिव का यह दौरा महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. विवि भवन व एसएसएलएनटी कॉलेज का करेंगे निरीक्षण
सचिव भेलाटांड़ में बन रहे बीबीएमकेयू के नए भवन का निरीक्षण करेंगे. कहा जा रहा है कि वह शिफ्टिंग की रुकी हुई प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए विवि के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. नया भवन हैंडओवर होने के 37 दिन बाद भी शिफ्टिंग शुरू होने में बिलंब के बारे में जानकारी लेंगे. सचिव एसएसएलएनटी महिला कॉलेज का भी निरीक्षण करेंगे. राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में कॉलेज को सेकेंड कैंपस के लिए 10 एकड़ जमीन मिली है. समझा जा रहा है निरीक्षण के क्रम में उस जमीन के अधिग्रहण पर भी चर्चा होगी. बीबीएमकेयू को नहीं मिला है शिफ्टिंग का फंड
बता दें कि विवि प्रशासन ने राज्य सरकार से शिफ्टिंग के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का फंड मांगा है. इस आशय का प्रोपोजल जा चुका है. परंतु लगभग छह माह बाद भी फंड नहीं मिला है. संभव है सचिव के दौरे के बाद फंड जारी हो जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा था कुलपति ने
बता दें कि विगत 3 जनवरी को बीबीएमकेयू के कुलपति डॉ सुखदेव भोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्होंने स्थानीय और राज्य सरकार के दबाव में अधूरा भवन हैंडओवर ले लिया. उन्होंने विश्वविद्यालय के नए भवन के डीपीआर और भवनों के मौजूदा स्वरूप में कई अंतर बताए थे. कहा था कि विश्वविद्यालय में इतना काम बाकी है कि अभी एक साल लग जाएगा. उन पर दबाव था जिसकी वजह से उन्होंने अधूरा भवन हैंडओवर लिया. समझा जा रहा है कि कुलपति के इस बयान को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment