Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) कतरास कोयलांचल में विकास बजरंगी अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता था, जिसमें मनोज यादव बाधक साबित हो रहा था. इसलिए उसने मनोज को रास्ते से हटाने के लिए दो खतरनाक अपराधियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. फिर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई. यह जानकारी 24 जनवरी मंगलवार को प्रेस वार्ता में एसएसपी संजीव कुमार ने दी. कतरास के कोयला कारोबारी मनोज की हत्या विगत 22 जनवरी को हुई थी. हत्याकांड की जांच के लिए सिटी एसपी की देखरेख में टीम का गठन किया गया था. टीम का नेतृत्व कतरास के इंस्पेक्टर ने किया.
5आरोपी गिरफ्तार, गोली, खोखा, मोबाइल बरामद
प्रेस वार्ता में एसएसपी ने बताया कि 5 अरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई अपाची बाइक, एक पिस्टल, दो लाख नगद रुपये, दो जिंदा गोली, दो खोखा और 9 मोबाइल बरामद किये गए हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले विकास कुमार उर्फ विकास बजरंगी जेल से छूट कर आया था. इलाके में उसका वर्चस्व कम हो गया था. मनोज यादव के साथ विकास बजरंगी की पुरानी रंजिश भी थी. अनु यादव व सिद्दिकी आलम से मिल कर रची साजिश
उसने अनु यादव और सिद्दिकी आलम उर्फ सज्जाद उर्फ आजाद से संपर्क किया. उनलोगों के साथ मिल कर हत्या की साजिश रची. इस कतरास निवासी मोलू उर्फ प्रकाश यादव व गौतम कुमार को शूटर के तौर पर एक-एक लाख रुपये दिए गए थे. एसएसपी ने बताया कि मनोज यादव को घटनास्थल पर बुलाने के लिए उसकी जान पहचान की महिला जहांआरा और सारा का इस्तेमाल किया गया. दोनों मां-बेटी के बुलाने पर मनोज यादव घटनास्थल पर पहुंचा था, जहां शूटर मोलू उर्फ प्रकाश यादव और गौतम कुमार ने उसे गोली मार दी. हत्याकांड में गैंगस्टर प्रिंस खान की संलिप्तता नहीं
एक सवाल के जवाब में एसएसपी ने बताया कि जांच में गैंगस्टर प्रिंस खान की संलिप्तता इस हत्याकांड में नहीं मिली है. मालूम हो कि विगत 22 जनवरी को कतरास थाना क्षेत्र में मनोज यादव की हत्या के बाद गैंगस्टर प्रिंस खान ने पर्चा जारी कर जिम्मेवारी ली थी. प्रेस वार्ता में एसएसपी के अलावा ग्रामीण एसपी रेशमा रमेशन, कतरास थाना प्रभारी रणधीर कुमार सिंह समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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