महिला स्वावलंबन प्रकल्प के कार्य
[caption id="attachment_380945" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="163" /> गोबर से बनी मूर्तियां[/caption] परिवार के प्रमुख अजय भरतिया बताते हैं कि पवित्रम गो सेवा परिवार की टीम अब झारखंड के हर गांव में महिला स्वावलंबन के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण देने जा रही हैं. दिया निःशुल्क प्रशिक्षण जाएगा और जो भी महिला जुड़ेगी, उन्हें उसी गांव में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा संग्रहित कर शहरों में बिक्री की भी व्यवस्था की गई है. पवित्रम सेवा परिवार पूरे भारत में 500 सेवाभावी माताओं का एक ग्रुप बना रहा है.
घर बैठे आजीविका उपार्जन का अवसर
ये महिलाएं घर बैठे अपनी संस्था से जुड़े किसानों, वनवासी ग्रामीण बहनों, देश की प्रसिद्ध गोशालाओं एवं गोपालकों द्वारा बनाए जा रहे घर के लिए उपयोगी नेचुरल एवं सर्टिफाइड आर्गेनिक उत्पादों को बिना पूंजी लगाए, बिना घर के बाहर निकले, व्यवसाय कर आजीविका उपार्जित कर सकेंगी. इस तरह ग्रामीण एवं गृह उद्योग व सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगीय इस ग्रुप के जरिये सेवाभावी माताएं अपने उत्पाद की मार्केटिंग भी कर सकेंगी. बहुत कम दाम पर घर-घर तक आर्गेनिक उत्पाद मिल पाएगा. [caption id="attachment_380948" align="aligncenter" width="208"]alt="" width="208" height="300" /> गोबर से बनी अगरबत्ती[/caption]
गोसेवा परिवार के सेवा कार्य
पवित्रम गो सेवा परिवार अनेक वर्षों से घायल बीमार गो वंश की चिकित्सा सेवा, गोबर व गोमूत्र के उत्पादों के लिए गांव में निःशुल्क प्रशिक्षण, महिला स्वावलंबन, जैविक खेती के प्रचार का कार्य कर रहा है. यह भी पढ़ें: ‘धनबाद">https://lagatar.in/tweets-movement-started-under-dhanbad-deserve-airport-campaign/">धनबादडिजर्व एयरपोर्ट ” कैम्पेन के तहत शुरू हुआ ट्वीट्स आंदोलन [wpse_comments_template]

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