समझाने पहुंचीं बीडीओ को झेलना पड़ा ग्रामीणों का आक्रोश
Maithon : एग्यारकुंड प्रखंड की गोपीनाथपुर पंचायत में पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने रविवार को ‘पानी दो वोट लो’ के नारे के साथ हल्ला बोल आंदोलन शुरू किया. पिछले करीब छह दशक से पेयजल की समस्या झेल रहे बाउरी टोला, व आदिवासी टोला, शिवडंगाल व चपरासी धौड़ा के 500 से अधिक ग्रामीणों ने पूरे पंचायत में आक्रोश रैली निकाली. लोगों ने विभिन्न गांव, टोला व मुहल्लों में घूम-घूमकर ‘पानी दो वोट लो’ का नारा बुलंद किया. स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की. सूचना मिलते ही एग्यारकुंड की बीडीओ मधु कुमारी गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. उन्हें भी ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा. ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. वे एक ही रट लगाए हुए थे- पहले पानी चाहिये, तभी कोई बात होगी. इस पर बीडीओ ने कहा कि उनके पास कोई जादू की छड़ी नहीं है, जिससे समस्या का समाधान मिनटों में कर दें. काफी समझाने के बाद ग्रामीणों का ग़ुस्सा शांत हुआ. तय हुआ कि मंगलवार को ग्रामीणों के साथ बीडीओ की बैठक होगी, जिसमें ग्रामीणों से सुझाव लेकर पेयजल समस्या का स्थायी समाधान निकालने की ठोस पहल की जायेगी.पानी के लिए रतजगा करते हैं ग्रामीण
ज्ञात हो कि गोपीनाथपुर पंचायत में मुगमा जलापूर्ति योजना के तहत पानी की सप्लाई की व्यवस्था की गई है. इसके लिए दो लाख गैलन क्षमता की पानी टंकी लगाई गई हैँ. लेकिन पिछले करीब 10 वर्षों से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों को पानी की जुगाड़ में रातजगा कर दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है. पाइपलाइन से मुगमा मोड़ तक के गांवों में पर्याप्त पानी पहुंच जाता है, लेकिन पाइप से जगह-जगह अवैध कनेक्शन जोड़ लेने के कारण गोपीनाथपुर बाउरी टोला, आदिवासी टोला, चपरासी धौड़ा, शिव डंगाल, भालुकसुंधा और बिहार फायर ब्रिक्स कॉलोनी में ठीक से पानी नहीं पहुंच रहा है. घरों में बमुश्किल दो-तीन गैलन ही पानी ही मिल पाता है. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/37-polling-booths-and-27-women-polling-stations-in-bokaro-district/">बोकारोजिले में 37 पर्दानशी व 27 महिला मतदान केंद्र [wpse_comments_template]
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