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धनबाद: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे एनईपी के वोकेशनल कोर्सेस : कुलपति

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  पढ़ने-लिखने व डिग्री हासिल करने के बाद बेकारी व बेरोजगारी की चुनौतियों से निपटने के लिए ही न्यू एजुकेशन पॉलिसी में वोकेशनल कोर्सेज को जोड़ा गया है. आज़ादी के बाद से ही हम ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए सिलेबस को फॉलो करते आए हैं. जिससे समाज में केवल नौकरशाह पैदा हो रहे हैं. इससे स्वयं का तो विकास होता है, लेकिन देश का नहीं हो पाता. नई शिक्षा नीति हमें स्किल्ड बनाएगी, जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा होगा. ये बातें बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शुकदेव भोई ने कही. वह गुरुनानक कॉलेज के भूदा कैंपस में आयोजित आत्मनिर्भर भारत : टुवर्ड्स वर्ल्ड सेल्फ रीलाएंट इंडिया विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.

  स्वतंत्रता संग्राम भी था आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण : प्रो कोमरैया

सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो (डॉ) जेबी कोमरैया ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना नई नहीं है. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का आंदोलन भी अपने आप में आत्मनिर्भर था. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए हमें गुड्स और सर्विसेस को बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा. इससे निर्यात बढ़ेगा और आयात कम होगा. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों और योजनाओं के विषय में बताया.

   ये थे मौजूद

सेमिनार में विषय प्रवेश व स्वागत भाषण गुरु नानक कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय प्रसाद ने किया. उद्घाटन समारोह को सरदार आरएस चहल और सरदार डीएस ग्रेवाल ने संबोधित किया. सेमिनार को सफल बनाने में सह समन्वयक साधना कुमारी सिंह, डॉ संजय सिन्हा का अहम योगदान रहा. सेमिनार में देश के दर्जनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों व छात्र-छात्राओं ने पेपर प्रस्तुत किया. [wpse_comments_template]

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