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धनबाद: झरिया में पूरी नहीं हुई जलापूर्ति योजना, लोगों की नहीं मिटी प्यास

Dhanbad/jhariya: कोल कंपनियों ने झरिया के लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा है. 50 साल से अधिक समय से यहां के बाशिंदे न सिर्फ भूमिगत आग के खतरे का सामना कर रहे हैं, बल्कि धूल-गर्द और पेयजल की समस्या से भी जूझ रहे हैं. उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं. बीसीसीएल प्रबंधन कोयला निकालने में मस्त है, जबकि निगम के अधिकारी सीमित संसाधन का रोना रो रहे हैं और राजनीतिक पार्टियां लोगों को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिला रही हैं.

    ज्यादातर जलाशय भी सूख चुके

अंधाधुंध कोयला निकासी के कारण यहां के ज्यादातर जलाशय भी सूख चुके हैं. 5 लाख की आबादी आज भी अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर है, जो आए दिन धोखा देने और रतजगा के लिए मजबूर करती है. पिछली सरकार में शुरू 312 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना भी अपने लक्ष्य से दो साल पीछे है. अब 2024 तक पूरा होने की उम्मीद जगाई जा रही है.

   क्या है झरिया जलापूर्ति योजना  की स्थिति

झरिया जलापूर्ति योजना का काम 2019 में शुरू हुआ. उसे 2021 में पूरा होना था. झरिया के 36 हजार घरों में पाइप लाइन से पानी पहुंचाने की आस थी. नगर विकास एवं आवास विभाग ने यह काम झमाड़ा को सौंपा. टेंडर के बाद जीएमसी कंपनी को काम मिला. परंतु अब तक मात्र 42 प्रतिशत ही पाइप बिछाने का काम हुआ है. 387 किलोमीटर में से सिर्फ 170 किलोमीटर एरिया में पाइप बिछी है. जामाडोबा में नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम अभी चल रहा है. लेकिन पांच संप का निर्माण अब तक शुरू भी नहीं हुआ है. जमीन ही फाइनल नहीं है. नई पानी टंकी का काम पूरा नहीं हुआ है. 22 पुराने मोटर पंप बदलने की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है. कम्पनी ने कार्य विस्तार के लिए नगर विकास विभाग को पत्र लिखा है. झमाडा के प्रभारी एमडी सतेंद्र कुमार, निगम के कार्य में ही व्यस्त रहते हैं. यही वजह है कि काम रफ्तार नहीं पकड़ रहा है.

         कौन समझेगा लोगों का दर्द : विनोद कुमार

[caption id="attachment_596561" align="aligncenter" width="211"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/vinod-kumar-jh-211x300.jpeg"

alt="" width="211" height="300" /> विनोद कुमार, झरिया का नागरिक[/caption] झरिया निवासी विनोद कुमार कहते हैं कि यहां पानी की समस्या काफी पुरानी है. गर्मी में परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है. महीने में दस दिन नल में पानी ही नहीं आता है. इसका फायदा पानी बेचने वाले उठाते हैं. प्रति गैलन 30 रुपये और दो सौ रुपये प्रति ड्रम की दर से लोगों के घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है.

   पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से : श्रीकांत कुमार

[caption id="attachment_596562" align="aligncenter" width="201"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/shri-kant-201x300.jpeg"

alt="" width="201" height="300" /> श्रीकांत कुमार पाइपलाइन सुपरवाइजर[/caption] जेएमसी कम्पनी के सुपरवाइजर श्रीकांत कुमार ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से हो रहा है. कोरोना के कारण कुछ महीने काम बंद था.  एनओसी और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण भी परेशानी है. इसके लिए विभाग को लेटर भी दिया गया है. लेकिन जहां कोई विवाद नहीं है, वहां काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.

  पाइपलाइन बिछाने का काम बहुत धीमा : रत्नेश कुमार

[caption id="attachment_596565" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/ratnesh-kum-ar-300x300.jpeg"

alt="" width="300" height="300" /> रत्नेश कुमार , झरिया नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष[/caption] झरिया नगर कांग्रेस अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने कहा कि जेएमसी द्वारा पाइपलाइन बिछाने का काम बहुत ही धीमा है. संबंधित अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए. हमलोग तो झरिया के जलसंकट की आवाज  उठाते ही रहते हैं. झरिया नगर कांग्रेस कमेटी जन सेवा के काम में सदैव तत्पर रही है.

 जेएमसी पर लगातार बनाया जा रहा दबाव

झमाडा के एसडीओ पंकज झा ने बताया कि जलापूर्ति योजना काम चल रहा है. काम में तेजी लाने के लिए कंपनी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है. रही बात गर्मी में पानी की दिक्कत की तो इसकी भी तैयारी चल रही है. दामोदर नदी में बांध बनाया जा रहा है. अभी प्रतिदिन सुबह 5 बजे पेयजल की आपूर्ति की जा रही है. जरूरत पड़ी तो समय के अनुसार शाम को भी पानी की सप्लाई की जाएगी. [wpse_comments_template]

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