Search

 
 
 

धनबाद: भालगोरा 4 नंबर में नहीं मिलेगा पानी तो वोट भी नहीं

 

विगत 12 वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रही 8 हजार की आबादी

Ranjit Kumar Singh Dhanbad : झरिया विधानसभा क्षेत्र में ऐसा भी मुहल्ला है, जहां दिन रात लोग पानी के इंतजाम में ही जुटे रहते हैं. वार्ड नम्बर 37 के भालगोरा 4 नम्बर की लगभग 8 हजार की आबादी पिछले 12 वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रही है. सरकार इस क्षेत्र में विकास का ढिंढोरा पीटती है. मगर पानी की गुहार इस क्षेत्र में नक्कारखाने में तूती की आवाज बन कर रह गई है. विकास के नाम पर कुछ काम भी हुए, परंतु किसी जनप्रतिनिधि ने इन प्यासे लोगों की सुध नहीं ली. हालत यह है कि लोग कभी टैंकर के समक्ष पानी के लिए आपस में जूझते हैं तो कभी पानी की तलाश में दर ब दर भटकते रहते हैं. इस जलालत के बीच कभी मन होता है कि चुल्लू भर पानी में डूब मर जाएं, मगर वह भी नसीब नहीं होता.

           बचपन बीत गया दूरदराज से पानी लाने में

[caption id="attachment_742365" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/sourabh-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> सौरभ कुमार सिंह[/caption] इस संबंध में वहां के लोगों से बातचीत छेड़ते ही पानी की जगह दर्द छलक उठता है. भालगोरा 4 नम्बर के सौरभ कुमार सिंह को पानी नहीं मिलने के कारण जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी रोष है. कहते हैं कि 2024 में किसी को वोट नहीं देंगे. वोट मांगने कोई आया तो उसका भी बहिष्कार करेंगे. सवाल करने पर कहते हैं कि किसी पार्टी के जनप्रतिनिधि ने भालगोरा 4 नम्बर में पानी की समस्या का निदान नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनका पूरा बचपन 2 - 4 किलोमीटर दूर से पानी लाने में बीत गया, जवानी में भी वही हालत है.

            जनप्रतिनिधियों के बड़े-बड़े वादे, पानी नहीं

[caption id="attachment_742366" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/arvind.1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> अरविंद कुमार[/caption] मुहल्ले में पानी नहीं मिलने की व्यथा व्यक्त करने की होड़ मची हुई है. इस होड़ में अरविंद कुमार भी कूद पड़े. कहा कि इस क्षेत्र में किसी जनप्रतिनिधि ने कभी पानी की व्यवस्था की ही नहीं. चुनाव के समय बड़े बड़े वादे करते हैं. चुनाव जीतते ही वादे भूल जाते हैं. पानी नहीं मिलता. जनप्रतिनिधियों की इस लापरवाही का नतीजा यहां की महिलाओं, बच्चों व पुरुषों को भुगतना पड़ता है. दूरदराज से पानी की व्यवस्था करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी है.

            सप्ताह में दो या तीन दिन ही आता है टैंकर

[caption id="attachment_742368" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/amit-pani-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> अमित कुमार[/caption] अमित कुमार भी बिफरते हुए कहते हैं, क्या कहें इस पानी के कारण भालगोरा 4 नम्बर में आपसी झड़प हो जाती है. हंसी-खुशी एक जगह रहनेवाले लोग मतभेद के शिकार हो जाते हैं. क्योंकि सप्ताह में 2 - 3 दिन ही टैंकर से पानी की सप्लाई होती है. हालत यह होती है कि टैंकर के समीप पानी भरने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है. उन्होंने कहा कि भालगोरा में पानी की व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधि भेदभाव भी कर रहे हैं. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही