धनबाद : हम पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रहे हैं : प्रो सोलंकी
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान-सीएसआईआर बरवारोड स्थित सभागार में शुक्रवार 22 जुलाई को ऊर्जा,जलवायु परिवर्तन एवं मैं विषय पर चर्चा-सह-जागरुकता सत्र का आयोजन किया गया. ऊर्जा स्वराज यात्रा के एक चरण में प्रोफेसर सोलंकी का धनबाद में आगमन हुआ. सार्वजनिक तौर पर जागरुकता पैदा करने और ऊर्जा स्वराज स्थापित करने के उद्देश्य से आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर चेतन एस. सोलंकी द्वारा एक सौर बस के माध्यम से 11 वर्ष लंबी ऊर्जा स्वराज यात्रा (2020-30) की शुरुआत की गई है. सिम्फर सभागार के बाहर सौर बस का डेमोंसट्रेशन दिया गया और फिर संस्थान के समिति कक्ष में अनुसंधान समूह प्रमुखों के साथ बैठक की गई. संसार को चरम सीमाओं की ओर धकेला जा रहा :प्रोफेसर चेतन सोलंकी ने ऊर्जा जलवायु परिवर्तन एवं में विषय पर अपने व्याख्यान से सभी को लाभान्वित किया. उन्होंने बताया कि संसार को चरम सीमाओं की ओर धकेला जा रहा है. अत्यधिक तापमान, मौसम की भयावह परिस्थिति, पानी की कमी, प्रभावित वायु गुणवत्ता पृथ्वी को बदतर बना रही है. प्रत्येक व्यक्ति ऊर्जा के गैर-नवीकरणीय स्रोतों का तेजी से उपयोग करना जारी रखता है, तो हम पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रहे हैं. विकासशील देशों में भी तेजी से बढ़ी ऊर्जा की खपत: सीएसआईआर संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक जितेंद्र कुमार सिंह नेम प्रोफेसर सोलंकी एवं संस्थान के सभी लोगों ने स्वागत किया. कहा कि यह संस्थान का सौभाग्य है कि प्रोफेसर सोलंकी यहा मौजूद हैं. एक विकसित देश में ऊर्जा की खपत बहुत अधिक होती है, लेकिन विकासशील देशों में भी ऊर्जा की खपत तेजी से बढ़ रही है. हमें जलवायु को नुकसान पहुंचाए बिना विकास के बारे में सोचने की आवश्यकता है. इसलिए सौर ऊर्जा का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग जैसे दुष्प्रभावों के बिना बिजली उत्पन्न कर सकते हैं. विज्ञान भारती झारखंड के अध्यक्ष, डॉ. अशोक कुमार सिंह डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सभी प्राकृतिक तत्वों में, सूर्य सबसे महत्वपूर्ण तत्व है जो हमें पौधों के माध्यम से भोजन और ऊर्जा प्रदान करता है. सौर बस ही में रहते हैं प्रोफेसर सोलंकी: प्रोफेसर सोलंकी सौर बस ही में रहते हैं. उन्होंने 11 साल तक घर नहीं जाने का संकल्प लिया है. उन्हें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के ब्रैंड ऐम्बेसडर के रूप में सम्मानित किया गया है. प्रोफेसर सोलंकी को टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू और इंडिया टुडे द्वारा भारत का सौर पुरुष भी कहा गया है, तो कुछ लोग उन्हें सौर गांधी के नाम से भी पुकारते हैं. उन्होंने ऊर्जा स्वराज फाउंडेशन की भी स्थापना की है. ये थे मौजूद : संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक, डॉ. जय कृष्ण पांडे द्वारा प्रोफेसर सोलंकी का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया एवं मंच संचालन किया गया। विज्ञान भारती झारखंड के सचिव, डॉ. तेज बहादुर सिंह द्वारा धन्यवाद प्रस्तावित किया गया. [wpse_comments_template]

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