धनबाद: प्रदूषण् से बचने के लिए सुनियोजित प्रबंधन आवश्यक : प्रणय
sindri : बीआइटी सिंदरी निदेशक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस पर सोमवार 5 जून को बीआइटी इको क्लब ने वैज्ञानिक संगोष्ठी आयोजित की. परिसर में वृक्षारोपण किया गया. संगोष्ठी के अतिथि वक्ता वसुधा प्रोजेक्ट्स के संस्थापक प्रणय कुमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और उसकी रोकथाम पर अपने विचार रखे. उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए फेंकने की संस्कृति की बजाय सुनियोजित प्रबंधन की अवधारणा पर प्रकाश डाला. संस्थान के प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी डॉ घनश्याम ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण आज की प्राथमिकता है. स्टूडेंट वेलफेयर डीन प्रो उपेंद्र प्रसाद ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहने की आवश्यकता पर जोर दिया. एकेडमिक डीन प्रो पंकज राय ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करने की आवश्यकता है. सिविल विभागाध्यक्ष प्रो जीतु कुजूर ने खतरनाक जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बढ़ते तापमान, लगातार बाढ़, सूखा, विनाशकारी जंगल की आग और युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे प्रकृति और जैव विविधता की रक्षा के लिए हरित कार्यों को अपनाएं. प्रो ठाकुर ने एनवायरमेंटल कंश्योनेस को अपनी लाइफस्टाइल में एडॉप्ट करने पर जोर दिया. संगोष्ठी की संयोजक डॉ स्वाति तोमर ने विश्व पर्यावरण दिवस 2023 की थीम बीट प्लास्टिक प्रदूषण पर ध्यान केंद्रित करते हुए छात्रों और कर्मचारियों के बीच पर्यावरण जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के प्रयासों को विस्तार से बताया. क्लब के विभिन्न कार्यक्रमों में बीआइटी के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. [wpse_comments_template]
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