विभावि जो वेतन देता था, उसे भी घटा दिया
कर्मचारियों का कहना है कि बीबीएमकेयू के अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालय में दैनिक वेतन भोगी अनुबंध कर्मचारी विनोवा भावे विश्वविद्यालय के समय से ही कार्यरत हैं. किसी भी कर्मचारी का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा है. उन्हें ईपीएफ सुविधा से वंचित रखा गया है. बीबीएमकेयू के कर्मचारियों का कहना है कि जो वेतन बिनोवा भावे यूनिवर्सिटी ने तय किया था, उसको भी बीबीएमकेयू ने घटा दिया. महंगाई को देखते हुए उचित मानदेय मिलना चाहिए था.कुलाधिपति के आदेश का भी नहीं हुआ पालन
कर्मचारियों का कहना है कि विभाग के अंतर्गत सभी दैनिक वेतन भोगी अनुबंध कर्मचारियों का इपीएफ काटा जा रहा है. ईपीएफ काटने के संबंध में राज्यपाल कुलाधिपति का आदेश पत्रांक RU-20/2013/1830/2019 दिनांक 25 जुलाई 2019 के जरिये सभी विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया था. परंतु बीबीएमकेयू के अधीनस्थ कॉलेजों में किसी भी कर्मचारी का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा है.दयनीय आर्थिक स्थिति झेल रहे कर्मी
कर्मचारियों का कहना है कि 28 अगस्त 2018 को अभिषद की 17 वी बैठक हुई थी, जिसमें अनुबंध कर्मी की सेवा तथा वेतन 18000 से 24000 प्रतिमाह कर दिया गया. परंतु इन कर्मचारियों को जो पूर्व से विभावि द्वारा वेतन प्राप्त होता था, उसको भी बीबीएमकेयू ने घटा दिया. फलस्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है.सिंडिकेट में शीघ्र होगा विचार : कुलसचिव
[caption id="attachment_321533" align="aligncenter" width="290"]alt="" width="290" height="300" /> कुलसचिव विकास कुमार[/caption] कुलसचिव विकास कुमार का कहना है कि विवि प्लान कर रहा है. सिंडिकेट में इस बात को रखा जाएगा. सभी कॉलेजों से लिस्ट मांगी गई थी, जो उपलब्ध हो गई है. उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 2022 को सभी अंगीभूत महाविद्यालय के प्राचार्यो को पत्र जारी कर सूचना दी गई थी कि अनुबंध दैनिक मजदूरी पर कार्यरत शिक्षकेतर कर्मियों की भविष्य निधि खाता में राशि नियमित रूप से जमा की जा रही है या नहीं, इसकी सूची कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए. सूची उपलब्ध हो गई है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-25-percent-disinvestment-of-bccl-is-not-acceptable-at-any-cost-jamsan/">धनबाद
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