बहुत ही चुनौतीपूर्ण काल से गुजर रहा एलआईसी
एलआईसी ने इन 66 वर्षों में इस उद्देश्य को अच्छी तरह से क्रियान्वित किया. एलआईसी बहुत ही चुनौतीपूर्ण काल से गुजर रहा है. एक ओर देश की आर्थिक स्थिति सभी स्थापित पैमानों पर डांवाडोल है तो दूसरी ओर पूरे देश को इस विषम आर्थिक परिस्थिति से उबारकर निकालने की क्षमता रखने वाली संस्था एलआईसी को भी नहीं बख्शा जा रहा है. सरकार इसी को ध्वस्त करने पर आमादा है. एलआईसी में आईपीओ के जरिये सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है. अब सरकार स्वच्छंद और बिलकुल अपारदर्शी तरीके से एलआईसी में कॉरपोरेट और पूंजीपतियों के हितों को साधने के उद्देश्य से नियमन की कोशिश कर रही है.एलआईसी किसी की निजी जागीर नहीं
उन्होंने कहा कि एलआईसी किसी की निजी जागीर नहीं है कि एक व्यक्ति की सनक को कल्याणकारी और विश्व की सबसे सफलतम व्यवस्था को बर्बाद करने की इजाजत दी जाए. बैठक को संघ के संयुक्त सचिव नीरज कुमार, सांगठनिक सचिव अमरजीत राजवंशी, शाखा सचिवों सुभम राज, बीरेंद्र बराट, प्रशांत कुमार सिन्हा, देबाशीष चौधरी, कैलाश कुमार दास सहित अनेक साथियों ने संबोधित किया. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-mla-honored-dr-pk-singh-and-associates-in-charge-of-bank-mod-police-station/">धनबाद:बैंक मोड़ थाना प्रभारी डॉ पीके सिंह व सहयोगियों को विधायक ने किया सम्मानित [wpse_comments_template]

Leave a Comment