देश को भाषा, क्षेत्र, धर्म के आधार पर न बांटें
स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रवीण सिंह ने कहा कि देश को भाषा, क्षेत्र, धर्म के आधार पर बांटना उचित नहीं है. आईआईटी आइएसएम के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ प्रमोद पाठक ने कहा कि आज़ादी के साथ कई जिम्मेदारियों का निर्वहन भी हमारा दायित्व है. बीबीएमकेयू इतिहास विभाग की डॉ तनुजा कुमारी ने कहा कि झारखंड के वैसे नायक जो आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने के बावजूद कहीं गुम है. उन्हें खोजना ही ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य है.उज्ज्वल भविष्य के लिए इतिहास से लें प्रेरणा
डॉ अंजनी कुमार ने युवा पीढी को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए इतिहास से प्रेरणा एवं शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक है. प्रजापति ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विद्यालय की वैशाखी दीदी ने मन की गुलामी से मुक्त होने की जरूरत बताई. महाविद्यालय इतिहास विभाग के प्रो अविनाश कुमार ने कहा कि 12 मार्च 1930 को नमक यात्रा की शुरुआत के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है.ये थे मौजूद
समारोह आयोजन के सचिव प्रो अविनाश कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई. कार्यक्रम का संचालन प्रो तरुण कांति खलखो एवं धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय प्रोफेसर इन चार्ज डॉ राजेन्द्र प्रताप ने किया. समारोह में डॉ रत्ना कुमार, डॉ अजित कुमार बर्णवाल,डॉ श्याम किशोर सिंह, प्रो विजय आईंन, प्रो सत्य नारायण गोराई, डॉ अमित प्रसाद, डॉ कुहेली बनर्जी, डॉ कुसुम रानी, प्रो स्नेहलता तिर्की, डॉ अवनीश मौर्या, प्रो विनोद एक्का, प्रो प्रकाश प्रसाद, प्रो त्रिपुरारी कुमार, प्रो सुमिरन रजक,डॉ नीना कुमारी ,प्रो राकेश ठाकुर, प्रो रागिनी शर्मा, प्रो इक़बाल अंसारी, प्रो स्नेहलता होरो, प्रो पूजा कुमारी, राकेश श्रीवास्तव, सुजीत मंडल, खुशी कुमारी, तुकमणि सेन, गुलनाज परवीन, मो कलीम आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें:धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-in-the-meeting-of-agricultural-scientists-emphasis-on-increasing-the-area-of-natural-farming/">धनबाद: कृषि वैज्ञानिकों की बैठक में प्राकृतिक खेती का क्षेत्रफल बढ़ाने पर जोर [wpse_comments_template]

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