Topchanchi : तोपचांची (Topchanchi) प्रखंड के साहूबहियार में श्रीमद्भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन 21 मई को वृंदावन से पधारे आचार्य ब्रजेश जी महराज ने जीवन का मर्म समझाया. कहा कि संस्कार के बिना मनुष्य का जीवन पशु समान है. उत्तम देश, उत्तम कुल और मानव जीवन पाकर भी यदि मनुष्य को सदाचार के रूप में अच्छे संस्कार प्राप्त नहीं होते हैं, तो यह उसका दुर्भाग्य है. प्रत्येक मनुष्य को बाल अवस्था से ही धार्मिक व नैतिक ज्ञान की ओर अग्रसर करना चाहिए. ताकि वह उत्तम संस्कार ग्रहण करके अपने समाज, देश व धर्म के विकास में योगदान दे सके. भागवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर मनुष्य के जीवन में संस्कारों की मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की तरह हो, तो पूरे विश्व में उसकी अलग पहचान होगी. भागवत कथा का वाचन करते हुए उन्होंने बताया कि कलयुग का वास पांच जगहों पर होता है. पहला जहां मद्यपान होता है, दूसरा जहां पर स्त्री गमन या वेश्यावृत्ति हो, तीसरा जहां जुआ खेला जाता है, चौथा जहां हिंसा होती हो और पांचवां जहां पाप द्वारा स्वर्ण अर्जित किया जाता हो. अगर हमारे घर में अनीति से कमाया हुआ धन आ गया तो हमारी नींद बर्बाद कर देगा. किसी को रुला कर, धोखा देकर कमाए गए धन पर कलयुग का वास होता है. इसलिए इससे दूर रहें. भागवत कथा के बीच में भजन-संगीत का दौर भी चलता रहा. कथा सुनने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडाल में पहुंचे थे. आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-renovation-of-old-well-started-in-water-crisis-affected-jogta/">धनबाद
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धनबाद : संस्कार के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान- ब्रजेश जी महराज

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