Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद:  महिलाओं ने हर क्षेत्र में लहराया है सफलता परचम

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)   वर्ष होली के कारण 8 मार्च को महिला दिवस पर कोई तामझाम नहीं हो सका, बावजूद उस दिन महिलाएं अपनी हैसियत के अनुसार हर जगह अपने कर्तव्य पथ पर मुस्तैद रही. शिक्षा,  साहित्य, स्वास्थ्य, वकालत,  खेल सहित प्रशासनिक विभागों में महिलाएं खुद को साबित कर रही हैं कि उनमें भी रचनात्मकता है, हौसला है, आत्मविश्वास है. बस उन्हें मौका मिलने भर की देर है. होली के दिन जहां लोग परिवार के साथ त्योहार की खुशियां लूटने में मगशूल रहे, वहीं स्वास्थ्य सहित प्रसाशनिक विभागों में महिलाएं सेवा में जुटी रही

    देश व समाज सेवा परम कर्तव्य : कुमारी विशाखा 

[caption id="attachment_574584" align="aligncenter" width="227"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/kumari-vishakha.jpeg"

alt="" width="227" height="268" /> महिला थाना प्रभारी कुमारी विशाखा[/caption] महिला थाना प्रभारी कुमारी विशाखा ने बताया कि परिवार से पहले " देश और समाज सेवा हमारा परम कर्तव्य " है. उन्होंने कहा कि होली के दिन भी ड्यूटी निभाना गर्व की बात है. वह कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही समाज और देश की सेवा करने का जुनून था. प्रत्यक्ष रूप से सेवा करने का प्रशासनिक विभाग से अच्छा विकल्प और कोई नहीं था. इसलिए इस विभाग को चुना. आगे बढ़ी और आज सेवा में तत्पर हूं.

        सिर्फ मौका मिलने भर की देर : डॉ आशा रॉय

  [caption id="attachment_574586" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/dr-asha-roy-272x300.jpeg"

alt="" width="272" height="300" /> डॉ आशा रॉय[/caption] एसएनएमएमसीएच में 40 वर्षो तक सेवा दे चुकी डॉ आशा रॉय का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपना परचम लहरा सकती हैं.  उन्हें मौका मिलने भर की देर होती है. उन्होंने बताया कि वह खुद हेल्थ डिपार्टमेंट में पिछले 40 वर्षों तक सेवा दे चुकी हैं. इस बीच लगभग 100 से अधिक निःसंतान दंपतियों को उन्होंने बच्चे के रूप में खुशी दी है. अपने संदेश में कहा कि महिलाएं खुद को कमजोर ना समझें. अपने अंदर छिपे आत्मविश्वास को जगाएं और खुद पर भरोसा रखें. निर्णय को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ते रहें, सफलता आपके कदम चूमेगी.

   परिवार का भी  है योगदान : डॉ राजलक्ष्मी तुबिद

[caption id="attachment_574587" align="aligncenter" width="250"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/rajlakshmi-250x300.jpeg"

alt="" width="250" height="300" />
डॉ राजलक्ष्मी तुबिद[/caption] एसएनएमएमसीएच के गायनी विभाग की एचओडी डॉ राजलक्ष्मी तुबिद के अनुसार महिलाएं आज समाज में चौथे पोजीशन पर कार्य कर रही है. वह पिछले कई वर्षों से एसएनएमएमसीएच की गायनी विभाग में अपनी सेवा दे रही हैं. उन्होंने कहा कि बचपन से धारणा थी कि जेंडर में आ रहे अंतर को दूर कर सकूं. इसी धारणा के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ी. परिवार का भी बड़ा सहयोग रहा. आज महिलाएं जिस क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रही हैं, उसके पीछे उनके परिवार का सपोर्ट काफी मायने रखता है. महिलाओं पर अत्याचार को लेकर पूरे समाज को संवेदनशील होने की जरूरत है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही