Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : अखंड सौभाज्ञ की कामना के साथ महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा

Advertisement
Advertisement
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=320652&action=edit">(Dhanbad)

कोयलांचल में 30 मई को वट सावित्री पूजा की धूम रही. महिलाओं ने अखंड सौभाज्ञ की कामना के साथ वट सावित्री का व्रत रखा. सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए वट वृक्ष की वि‍धि-विधान से पूजा की. यमराज को खुश करने के लिए प्रसाद स्‍वारूप विभिन्‍न तरह के मौसमी फल व पकवान का भोग लगाया. इसके बाद सावित्री और सत्‍यवान की कथा सुनीं. यह व्रत ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को रखा जाता है. ज्‍योतिष के अनुसार, इस बार अमावस्‍या तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. इसलिए व्रत का महत्व और बढ़ गया है. महिलाएं सुबह से ही नहा-धोकर और नए कपड़े पहन कर वट वृक्ष की पूजा शुरू की. दोपहर तक वट वृक्षों के पास व्रती महि‍लाओं की भीड़ लगी रही.

बाघमारा में सुबह से वट वृक्षों के नीचे रही व्रतियों की भीड़

[caption id="attachment_320672" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/but1-1-300x187.jpg"

alt="" width="300" height="187" /> बाघमारा में पूजा के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाती महिलाएं[/caption] बाघमारा के विभिन्‍न इलाकों में महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत रखा. सुबह से ही वट वृक्ष की पूजा के‍ लिए महिलाओं की भीड़ रही. पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अनुष्‍ठान कराए और सावित्री-सत्‍यवान की कथा कही. महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा के बाद उसमें कच्चा सूत बांधकर परिक्रमा की. पंडित नितेश पांडे ने बताया कि पुरातनकाल में सती सावित्री ने इस व्रत को किया था. सावित्री के पतिव्रत धर्म से प्रसन्‍न होकर यमराज ने उनके मृत पति सत्‍यवान को जीवनदान दिया था. इसके बाद से ही इस व्रत की परंपरा शुरू हुई. सुहागिन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रख वट वृक्ष की पूजा-अर्चना करती हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=320607&action=edit">धनबाद

: ट्रक से बचने की कोशिश में गिरे स्कूटर सवार, तीन घायल [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही