नया उद्योग लगाएगा तो करेंगे सहयोग : अरूप चटर्जी
[caption id="attachment_452473" align="aligncenter" width="215"]alt="" width="215" height="267" /> पूर्व विधायक अरूप चटर्जी[/caption] पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि जब से कारखाना बंद हुआ है, तब से मजदूरों की लड़ाई हमलोगों ने लडी. आज भी लड़ रहे हैं. कोर्ट का आर्डर अभी नहीं मिला है. आर्डर में क्या दिशा निर्देश है, यह देखना होगा. मजदूरों का बकाया जल्द मिल जाए, यह प्रयास रहेगा. चटर्जी ने कहा कि नीलामी में कारखाना लेने वाले को जमीन प्लाटिंग कर बेचने नहीं दिया जाएगा. क्वार्टर में रह रहे मजदूरों को भी बेघर नहीं होने दिया जाएगा. यदि नया उद्योग लगाने की पहल की जाती है तो पूरा सहयोग किया जाएगा.
बीस करोड़ से अधिक की संपत्ति ले गए चोर
आफिसियल लिक्विडेटर ने कारखाना नीलामी के बाद मजदूरों का बकाया जल्द देने की बात कही थी. इसके लिये नीलामी की राशि 112 करोड़ में पचास करोड़ जमा भी करा ली गयी है. बता दें कि कारखाना चालू होने की आस लगाये मजदूरों ने कोर्ट की शरण ली थी. मजदूरों का प्रयास था कि कारखाना की नीलामी हो जाए और कम से कम उनका बकाया मिल जाए. बावजूद नीलामी में काफी देर हो गयी. इस बीच कारखाना की बीस करोड़ से अधिक की संपत्ति पर चोरों ने हाथ साफ कर लिया.सुरक्षा गार्ड की वजह से बची सौ करोड़ की संपत्ति
[caption id="attachment_452411" align="aligncenter" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> सुरक्षा से बची संपत्ति[/caption] हालांकि कारखाना की सुरक्षा में तैनात गार्ड की वजह से करीब एक सौ करोड़ की संपत्ति बच भी गयी. फिलहाल जो मशीन एवं अन्य सामान बचे हैं, उसमें कारखाना चालू नहीं हो सकता. परंतु जितनी जमीन है, उसपर नया प्रोजेक्ट जरूर लग सकता है. मजदूरों को उम्मीद है कि नीलामी में कारखाना खरीदनेवाला नया प्रोजेक्ट लगाने की दिशा में पहल करेगा. फिलहाल मजदूर नीलामी से भी बहुत खुश हैं.
कारखाना चलता तो लौट आती क्षेत्र में रौनक
[caption id="attachment_452415" align="aligncenter" width="222"]alt="" width="222" height="300" /> कारखाना चलना चाहिए[/caption] कारखाना के सिक्योरिटी गार्ड राममूर्ति ओझा ने कहा कि सभी मजदूरों को बकाया वेतन मिलना चाहिए. इलेक्ट्रिक ट्रेनी आनंद मोहन पांडेय ने कहा कि कारखाना चलता तो अच्छा होता. आने वाली पीढ़ी को रोजगार मिलता और क्षेत्र की रौनक बढ़ जाती. बकाया पेमेंट तो मिलना ही चाहिए. मजदूर सतीश चंद्र पांडेय ने कहा कि बकाया वेतन मिलना चाहिए. कारखाना चलने से क्षेत्र की रौनक लौटती. कुछ लोगों का आशियाना छिन जाने से वे परेशान हैं. [wpse_comments_template]

Leave a Comment