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धनबाद:  जिप अध्यक्ष शारदा सिंह घर-परिवार की तरह चलाना चाहती हैं गांव की सरकार

Rammurti pathak Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  जिला परिषद का अध्यक्ष पद संभालने वाली दूसरी महिला शारदा सिंह सफल गृहिणी भी हैं. इसके पहले माया देवी जिला परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं. शारदा सिंह गांव की सरकार को भी घर-परिवार की तरह ही चलाना चाहती हैं. राजनीति को पेशा नहीं मानती. राजनीति शास्त्र में फर्स्ट डिवीजन से स्नातक होने के बावजूद घर-परिवार चलाने में उनकी रुचि रही. दूसरे की परेशानियों को दूर कर मिलती है खुशी:  सवालों के जवाब में कहती हैं कि राजनीति में आने का शौक था. कहा कि राजनीति में सेवा भाव लेकर आई हैं. ससुर और मेरे पति राजनीति के क्षेत्र में काफी दिनों से लोगो का सहयोग करते थे. तथा उनकी परेशानियों को सुनते और उसका हल निकालते थे. यह सब देख सुन कर  प्रेरित हुई. कहा कि अपनी परेशानी से सभी लोग जूझते हैं, लेकिन दूसरे की परेशानियों को दूर कर उन्हें खुशी मिलती है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि घर में अगर आप खाना बनाते हैं तो किसी को पसंद आता है, किसी को नहीं, लेकिन उनसे हमलोग कहते हैं कि खाना अच्छा है तो वे मान भी जाते हैं. पहले घर चलाया, अब लोगों की सेवा का चाव :  कहती हैं इसी तरह जिला परिषद सदस्यों को भी घर- परिवार की तरह मिलकर चलना होगा. अध्यक्ष शारदा सिंह का कहना है कि खाना बनाना और तरह तरह के व्यंजन बनाने का और खिलाने का शौक पहले से ही है. अब राजनीति भी जीवन में शामिल हो गई है. जीत के बाद उन्होंने कहा था कि गांव का विकास ही उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि जब भी किसी को उनकी जरूरत होगी, वह उनके साथ खड़ी रहेंगी. कहा कि जिप सदस्यों में एकजुटता बनाए रखना और सभी को एक साथ लेकर चलना है, तभी गांव का विकास संभव है. काम मुश्किल है, मगर हौसले हैं बुलंद:  हालांकि यह मुश्किल काम है. कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. चुनाव जीतना तथा 29 सदस्यों को अपने पक्ष में करना कठिन काम था. मुश्किलें आई, लेकिन अपने हौसले को बुलंद रखा. अब घर के साथ जिला परिषद से जुड़ी समस्याओं का भी निदान करना होगा. जिला परिषद अध्यक्ष को 28 जिप सदस्यों, प्रमुख और मुखिया को भी परिवार की तरह ही लेकर चलना होगा. नोक झोंक के साथ कभी रुठने पर मनाना होगा. उसी के साथ गांव के विकास को आगे बढ़ाना होगा. गांव की समस्याओं से रूबरू होना है. 2015 में पति शेखर सिंह हार गए थे चुनाव :त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद सदस्यों की 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थी. जिप क्षेत्र संख्या 22 से निर्वाचित जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह के पति शेखर सिंह साल 2015 में हार गए थे. इस बार सीट रिजर्व होने पर पत्नी को उतारा और पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो की पुत्र वधू को हराया. पति महुदा भाजपा मंडल के अध्यक्ष हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-we-are-harming-the-earth-prof-solanki/">धनबाद

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