सुयश क्लिनिक बंद
ज्ञात हो कि शहर के व्यस्ततम बैंक मोड़ के मटकुरिया रोड पर सुयश क्लीनिक है. डॉक्टर समीर शहर के ख्यात सर्जन हैं. वे एक माह से रंगबाजों से परेशान थे. उनसे अमन सिंह के नाम पर रंगदारी मांगी जा रही थी-पूरे एक करोड़. साथ ही पांच लाख महीना. उन्हें किसी छोटू सिंह का फोन आता था. वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन [IMA] से लेकर SSP तक शिकायत कर चुके. पर कुछ नहीं हुआ. डॉक्टर समीर को रंगदारी नहीं देने पर परिवार सहित जान से मार देने की धमकी दी जा रही थी. अब सुयश क्लिनिक बंद है. डॉक्टर समीर का घर भी बंद है. डॉक्टर समीर ने लगातार से कहा-भगवान जानता है कि मैंने कभी मरीजों के इलाज में पैसे को अहमियत नहीं दी. जिसने जो दिया, रख लिया. यदि चाहता तो मैं भी काफी पैसे कमा सकता था, लेकिन मैंने हमेशा मरीजों की जरूरत को समझा. इसी ईमानदारी का फल उन्हें मिल रहा है. उन्होंने कहा कि हाथ में हुनर है, इसलिए कहीं दूसरी जगह रोजी-रोटी का जुगाड़ कर लेंगे. डॉक्टर समीर ने बताया कि वह मरीजों के बीच रात-दिन रहते हैं. ऐसे में क्लीनिक चलाने से खतरा बढ़ सकता है. क्लीनिक में कोई भी घुसकर हमला कर सकता है. मरीज बनकर कोई अपराधी भी आ सकता है.दर्जन भर कर्मचारी बेरोजगार
डॉक्टर समीर कुमार बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के मटकुरिया में सुयश क्लीनिक चलाते थे. 25 वर्षों के बाद उन्होंने मंगलवार की शाम क्लीनिक बंद कर दिया. क्लीनिक में भर्ती सभी मरीजों को छुट्टी दे दी गई. भावुक मन से उन्होंने क्लीनिक के सभी कर्मचारियों को क्लीनिक बंद करने की जानकारी दी. क्लीनिक में काम कर रहे लगभग दर्जन भर कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं. डॉक्टर समीर ने कहा कि उन्होंने लिखित में पुलिस से शिकायत की है. SSP ने कहा कि अभी सनहा दर्ज करवाइए. FIR बाद में . यह भी पढ़ें : सिक्का">https://lagatar.in/rangbaaz-of-dhanbad-laugh-at-the-police-who-pick-coins/">सिक्काचुनने वाली पुलिस पर हंसते हैं धनबाद के रंगबाज [wpse_comments_template]

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