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धनबाद के वैज्ञानिक डॉ तापस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया जिले का नाम

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32 वर्षों के करियर में मीठे पानी व समुद्र के 140 नए जीवों की खोज की

Niraj Kumar Dhanbad : इंटरनेशनल माइक्रोऑर्गेनाइज्म डे (विश्व सूक्ष्मजीव दिवस) 17 सितंबर को है. जीवन की उत्पत्ति व विकास क्रम को समझने और बड़ी-बड़ी महामारी के इलाज के लिए वैज्ञानिक सूक्ष्म जीवों पर लगातार रिसर्च करते रहते हैं. 1670 में शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी जारी है. इस कड़ी में सूक्ष्म जीवों के व्यवहार को समझने से लेकर नई प्रजाति की खोज में धनबाद जिले के वैज्ञानिक डॉ तापस चटर्जी का योगदान महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपने रिसर्च से धनबाद ज़िले को अंतराष्ट्रीय पटल पर पहुंचाया है.

  32 वर्षों के करियर में ढूंढे 140 सूक्ष्म जीव

धनबाद के हीरापुर निवासी वैज्ञानिक डॉ तापस चटर्जी ने वर्ष 1991 में पहली जैव प्रजाति की खोज की थी. तब अब तक 20 देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर उन्होंने समुद्री जीवन पर रिसर्च कर 140 नई प्रजाति के जीव की खोज की है. नए जीवों की खोज से सूक्ष्म जीवों के व्यवहार, उनकी क्षमता, जीवनकाल, मानव जाति पर उनके प्रभाव, जीवन की उत्पत्ति जैसे विषयों पर जानकारी जुटाई है.

             जुलाई 2023 में खोजा 140वां सूक्ष्म जीव

[caption id="attachment_756405" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/Research-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> गुजरात समुद्र तट पर हाल के रिसर्च में मिले सूक्ष्म जीव [/caption] उन्होंने इसी वर्ष जुलाई माह में एक्टीनोसाईंथुला होमारी और एसिनेटा नाईटोक्रे नामक दो नए समुद्री जलीय जीव की खोज की है. साथ ही उन्होंने 140 नए माइक्रोऑर्गेनाइज्म की खोज का आंकड़ा पूरा किया. उन्होंने यह खोज भारत के पश्चिमी तट, वेरावल तट गुजरात पर की. इस जीव को पहली बार भारतीय तट पर पाया गया है. उनकी इस खोज को 25 जुलाई 2023 को रूस से प्रकाशित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पत्रिका प्रोटिस्टोलोजी में प्रकाशित किया गया है. इस खोज में सीएसआईआर, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सीनोग्राफी मुंबई के डॉक्टर सब्यसाची सौत्या व वंदना पांडेय और कोवालेवस्की इंस्टिट्यूट ऑफ़ बायोलॉजी, सेवास्तोपोल, रूस के वैज्ञानिक इगोर डोवगाल शामिल थे.

 विश्व के प्रतिष्ठित जर्नल में 180 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित

बता दें कि डॉ चटर्जी के समुद्री और मीठे पानी के सूक्ष्म जीवों पर खोज पर आधारित उनके 180 से अधिक रिसर्च पेपर विश्व के अलग-अलग देशों के जर्नल में प्रकाशित हुए हैं.

  डॉ चटर्जी के नाम पर रखा सूक्ष्मजीव का नाम

सूक्ष्म जीवों पर किये गए भागीरथी शोध को सम्मान देते हुए डॉ चटर्जी के नाम पर वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म जीव का नाम भी रखा है. मोंटेनेग्रो विश्वविद्यालय के डॉ व्लादिमीर पेसिक और नीदरलैंड के वैज्ञानिक डॉक्टर हैरी स्मिथ के साथ उत्तराखंड के मीठे पानी में खोजी गई नई प्रजाति का नाम डॉ चटर्जी के नाम पर टोरेंटिकोला चटर्जी रखा. यह किसी वैज्ञानिक के लिए बड़ा सम्मान है.

  विश्व के 30 प्रतिष्ठित जनरल के हैं रेफरी

बता दें कि डॉ चटर्जी विश्व के 30 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल के रिव्युअर या रेफरी भी है, जिनमें यूके, जर्मनी, न्यूजीलैंड, फ्रांस, भारत, पोलैंड, तुर्की, कोरिया, रूस ग्रीस, मोंटेग्रो, ब्राज़ील, साउथ अफ्रीका, हंगरी से प्रकाशित होने वाले जर्नल शामिल हैं. [wpse_comments_template]

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