कैसे होता है कैटेगरी का चयन
ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की गाइडलाइन के मुताबिक ए कैटेगरी में आबादी 50 लाख वाहनों की संख्या 20 लाख, बी- कैटेगरी में आबादी 50 से 20 लाख, वाहनों की संख्या 8 से 20 लाख और 30 लाख से कम आबादी और 8 लाख से कम वाहनों की संख्या होने पर उसे सी कैटेगरी में रखा गया है. धनबाद जिला की आबादी लगभग 30 लाख और वाहनों की संख्या 7 लाख है. सी कैटेगरी में ट्रैफिक पुलिस के लिए 36 तरह के उपकरण देने का सुझाव है,जिसमें ट्रैफिक सिग्नल, वायरलेस, एंबुलेंस, इलेक्ट्रिक कटर आदि शामिल हैं. ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट गाइडलाइन के मुताबिक धनबाद सी कैटेगरी में आता है. सी कैटेगरी वाले शहर में 950 वाहनों पर एक जवान की तैनाती होनी चाहिए. लेकिन यहा ट्रैफिक जवानों की संख्या ही कम है. ट्रैफिक जवानों की बात करें तो डीएसपी सहित 296 स्वीकृत पदहैं, लेकिन वर्तमान में धनबाद जिले में मात्र 40 ट्रैफिक जवान हैं.कैसे मिलेगी शहर को जाम से निजात
एक ट्रैफिक डीएसपी के साथ 40 जवान घने यातायात के लिए काफी कम हैं. आए दिन सड़कों पर जाम की समस्या बनी रहती है. सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक बैंक मोड़ में जाम की समस्या बनी रहती है. बरटांड सिटी सेंटर, हीरापुर, हटिया, पार्क मार्केट में तो गाड़िया रेंगती हैं.उपलब्ध संसाधनों से बेहतर सेवा की कोशिश
ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग कर बेहतर यातायात की सुविधा बनाने का प्रयास किया जा रहा है. बल तथा उपकरणों के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बस के रूट को चेंज किया गया है तथा पेट्रोल टैंकर और माल वाहक गाड़ियों के लिए सुबह 9 बजे से रात के 9 बजे तक नो इंट्री लगाया गया है. कहा कि ट्रैफिक सिग्नल तथा अन्य उपकरणों के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है. जल्द ही स्पीड रडार गन लगने वाला है. शहर के मुख्य चौक चौराहों पर वाइट लाइन और एलो लाइन खींचा जा रहा है. कहा कि 40 जवान हैं, जिनमें कुछ जवानों की ड्यूटी देवघर श्रावणी मेला में लगाई गई है. यह भी पढ़ें: अरुप">https://lagatar.in/police-raid-on-the-premises-of-arup-chatterjee-and-coal-dealer-manager-rai/">अरुपचटर्जी और कोयला व्यवसायी मैनेजर राय के ठिकानों पर पुलिस का छापा [wpse_comments_template]

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