मिट्टी कटाई के नाम पर की गई महज खानापूर्ति
ग्रामीणों का आरोप है कि किनारे-किनारे महज 2 से 3 फीट मिट्टी की खुदाई हुई. जबकि बीच में मामूली मिट्टी उठाकर केवल खानापूर्ति की गई. नतीजतन तालाब कीचड़ से भरे पड़े हैं. कहा कि तलाब का मेढ इस प्रकार बनाया गया की मामूली बरसात में भी मेढ की मिट्टी तालाब में ही गिर जाएगी. ग्रामीण तुलसी ठाकुर ने बताया कि अपना घर और घर के सामने गड्ढे की भराई के लिए लगभग 55 हजार रूपये की मिट्टी 2000 रूपये प्रति ट्रैक्टर की दर से निकाली थी, जिसे संवेदक देवेंद्र राणा ने खुद के कार्य में जोड़ दिया. ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक और जेई पर जांच कर कार्रवाई की जाए.संवेदक और जेई के अलग-अलग सुर
वहीं संवेदक देवेंद्र राणा का कहना है कि कार्य पूरा कर लिया गया है. जबकि जेई किशोर हांडी ने बताया कि अभी मिट्टी कटवाने का कार्य ही पूरा नहीं हुआ है. कुल 70 हजार एमक्यू मिट्टी कटाई की जानी है. साथ ही साथ यहां वृक्षारोपण, झंडोत्तोलन प्लेटफार्म बनवाया जाएगा. अगर कोई कहता है कि कार्य पूर्ण कर लिया गया है, वह गलत है. काम जल्द पूरा किया जाएगा.जिला परिषद अध्यक्ष ने किया था शिलान्यास
21 मई 2023 को धनवार प्रखंड क्षेत्र के करगाली खुर्द ग्राम स्थित चित्रा अहरा खाता नंबर 26 प्लॉट नंबर 1237 पर 9 एकड़ 90 डिसमिल जमीन पर 15 लाख 44 हजार 32 रुपये की प्राकलित राशि से तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने शिलान्यास किया था. यह">https://lagatar.in/giridih-the-vehicle-going-to-the-wedding-ceremony-fell-into-the-river-injured/">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : शादी समारोह में जा रहा वाहन नदी में गिरा, दर्जनों घायल [wpse_comments_template]
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