Dhanwar (Giridih): धनवार प्रखंड के पारोडीह में पत्थर खदान में बुधवार 17 मई की सुबह बड़ा हादसा हुआ, जहां पोकलेन का ड्राइवर ज़िदा जल गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो हाइवा बोल्डर लेने के लिए नीचे खदान में गया था. इसी दौरान एक विशाल बोल्डर (चट्टान) नीचे गिरा. जिसके ज़द में दोनों हाइवा और पोकलेन आ गये. दोनों हाइवा ड्राइवर मामूली रूप से जख़्मी हुए, लेकिन बोल्डर पोपलेन पर गिरने से पॉकलेन में आग लग गई. हादसे में पोकलेन ड्राइवर 30 वर्षीय सिकंदर पंडित पिता अर्जुन पंडित की जलकर मौत हो गई. घटा सुबह नौ बजे के आसपास की है. लेकिन लोगों को इसकी जानकारी दोपहर 12 बज़े के आसपास हुई. [caption id="attachment_640439" align="alignnone" width="225"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/POCLAIN-DRIVER-BODY-225x300.jpg"
alt="" width="225" height="300" /> पोकलेन से निकाला गया ड्राइवर का शव[/caption]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/PATHAR-KHADAN-225x300.jpg"
alt="" width="225" height="300" /> पारोडीह पत्थर खदान[/caption]
भी पढ़ें : गांडेय : पंचायत समिति की बैठक में छाया रहा जल नल योजना में गड़बड़ी का मामला [wpse_comments_template]
alt="" width="225" height="300" /> पोकलेन से निकाला गया ड्राइवर का शव[/caption]
6 घंटे बाद पोकलेन से निकली ड्राइवर की लाश
घटना की सूचना पाकर धनवार थाना पुलिस दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और पोकलेन में लगी आग को बुझाया. इस दौरान एसडीपीओ, एसडीएम खोरी महुआ, पुलिस इंस्पेक्टर, खनन पदाधिकारी, माइंस के डायरेक्टर एनपी देवरी सभी घटनास्थल पर पहुंचे. जिसके बाद शव को निकालने के लिए एक टीम भेजी गयी. दोपहर तीन बजे पोकलेन से शव को बाहर निकाला जा सका. शव बुरी तरह जल चुका था. [caption id="attachment_640444" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> पारोडीह पत्थर खदान[/caption]
साढ़े सात लाख के मुआवज़ा पर बनी सहमति
इधर मुआवजे की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष के लोग शव को उठाने नहीं दे रहे थे. शाम 5:30 बजे के बाद साढ़े सात लाख रूपये की मुआवज़ा राशि देने पर समझौता होने के बाद शव को उठाने दिया गया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया है. जानकारी के अनुसार खदान पांच लोगों के नाम से लीज किया गया था. जिसमें संजय साहू, सुदामा यादव शामिल हैं. इधर खनन पदाधिकारी सतीश नायक ने बताया कि सेफ्टी को दरकिनार करके काम किया जा रहा था. मांइस के डायरेक्टर एनपी देवरी ने बताया कि फोर मैन शशि भूषण की ड्यूटी थी. सुरक्षा में चूक हुई है. जांच के बाद माइंस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. एनपी देवरा ने बताया कि झारखंड के गिरिडीह बोकारो और कोडरमा में 300 माइंस हैं. अगर गलत तरीके से मांइंस को चलाया जाएगा तो सेक्शन 22 के तहत बंद किया जाएगा. इस दौरान एसडीएम खोरीमहुआ, एसडीपीओ खोरीमहुआ थाना प्रभारी, पुलिस इंस्पेक्टर सभी घटनास्थल पर मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/gandey-in-the-meeting-of-the-panchayat-samiti-there-was-a-case-of-disturbances-in-the-water-tap-scheme/">यहभी पढ़ें : गांडेय : पंचायत समिति की बैठक में छाया रहा जल नल योजना में गड़बड़ी का मामला [wpse_comments_template]
Leave a Comment