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संविधान पर चर्चा : बांग्लादेश को लेकर भाजपा अपनी आंखें खोले, वहां के अल्पसंख्यकों को बचाने की कोशिश करे

NewDelhi : वित्त मंत्री के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान पर चर्चा की शुरुआत की है. श्री खड़गे ने इंदिरा गांधी की सरकार के समय बांग्लादेश की आजादी का जिक्र करते हुए कहा, एक लाख लोगों को बंदी बनाना आसान काम नहीं था, लेकिन आयरन लेडी इंदिरा गांधी ने यह करके दिया. दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन पर तंज कसते हुए कहा, हम तो म्यूनिसिपैलिटी स्कूल में पढ़े हैं, वे जेएनयू में पढ़े हैं. अंग्रेजी भी अच्छी हो सकती है उनकी लेकिन करतूत अच्छी नहीं है. खड़गे ने अहमद फराज की शायरी तुम खंजर क्यों लहराते हो...सुना कर सरकार पर हल्ला बोला. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, नेहरू, आंबेडकर की ही देन है कि आज मोदीजी प्रधानमंत्री बन सके और मजदूर का बेटा विपक्ष का नेता बन सका है.

इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को दो हिस्सों में विभाजित किया बांग्लादेश को आजाद करवाया

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हमारी बहादुर नेता इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को दो हिस्सों में विभाजित किया. बांग्लादेश को आजाद करवाया. इस देश का गौरव दुनिया भर में फैला. वहां (बांग्लादेश में) जो अराजकता चल रही है, कम से कम इन (बीजेपी) लोगों को अपनी आंखें खोलनी चाहिए. वहां के अल्पसंख्यकों को बचाने की कोशिश करनी चाहिए.़  

जुमले वाले लोग देश को भ्रमित कर रहे हैं

खड़गे ने कहा, कहा कि जब देश आजाद हुआ तब यहां सुई भी नहीं बनती थी. इसी क्रम में खड़गे ने नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां बताते हुए पीएम मोदी को घेरा. कहा कि उनके झूठे आरोपों से इतिहास नहीं बदल जाएगा. खड़गे ने मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि जुमले वाले लोग देश को भ्रमित कर रहे हैं. गॉयबल्स(नाजी हिटलर के जमाने के) से भी सौ गुना ज्यादा असत्य बातें करते हैं. कहावत है कि असत्य सौ बार बोलो तो वो भी सत्य हो जाता है. पूछा कि बेहतर होगा कि आप ये बतायें कि संविधान को मजबूत करने के लिए आपने 11 साल में क्या किया. कोविड में आपको नरेगा, फूड सिक्योरिटी से आश्रय मिला. बता दे कि दोनों कांग्रेस की देन हैं.

 संशोधन को खुद बाबा साहब ने दो घंटे सदन में रह कर  डिफेंड किया था

खड़गे ने पहले संविधान संशोधन को लेकर सत्ता पक्ष द्वारा किये गये हमले पर मद्रास हाईकोर्ट के रिजर्वेशन पर फैसले को याद किया. सरदार पटेल, डॉक्टर आंबेडकर को भी कोट किया. कहा कि नेहरू ने जो किया, उसमें वो भी उनके साथ थे. आप उनका भी अपमान कर रहे हैं. मुख्यमंत्रियों को नेहरू ने पत्र लिखा था जिसे पीएम(मोदी) ने कोट किया. तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखा गया और उनको देश से माफी मांगनी चाहिए. गुमराह मत करो. इस संशोधन को खुद बाबा साहब ने दो घंटे सदन में रह कर इसे डिफेंड किया था. पूछा कि मोदीजी को ऐतराज किस बात पर पर है, एससी-एसटी, ओबीसी या आरक्षण पर. आरक्षण को सुरक्षित रखने के लिए नेहरू संशोधन कराते हैं तो दलित-आदिवासियों के खिलाफ हो गये? ऐसी असत्य बातें जनता के बीच ले जाएंगे तो देश को बहुत बड़ा नुकसान होगा.

1946 में कैबिनेट मिशन प्लान में उन्हें (नेहरू) वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया था

खड़गे ने कहा कि 1946 में कैबिनेट मिशन प्लान में उन्हें (नेहरू) वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया था. इसीलिए वह अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री बने. सरदार पटेल ने 14 नवंबर 1949 को नेहरू के जन्मदिन पर बधाई पत्र में लिखा था कि कुछ स्वार्थी लोगों ने हमारे विषय में भ्रांतियां फैलाने की कोशिश की है. हमने एक-दूसरे के मतभेदों का भी सम्मान किया है जैसा कि गहरा विश्वास होने पर ही होता है. आज ये झगड़ा लगाने की कोशिश में लगे रहते हैं. यहां संविधान की बात करो. जिनको टीका-टिप्पणी करते हो, उनके पत्र देखो. ये सब देखने के बाद कुछ कहें तो हम कहेंगे, सोचेंगे. टीका कर रहे हैं.

खुद बाबा साहब ने कहा था, ये जो सम्मान मिला, कांग्रेस की वजह से मिला 

खड़गे ने कहा, रक्षा मंत्री ने लोकसभा में संविधान के श्रेय को लेकर कटाक्ष किया. बाबा साहब ने संविधान सभा में कांग्रेस ने खुद क्या कहा है, खड़गे ने उसे भी कोट किया. तुम को शुरुआत से ही उनका सम्मान नहीं कर रहे, यह खुद उन्होंने भी कहा है. जब संविधान, तिरंगा झंडा स्वीकृत हो गये, तब मुंबई के रेलवे स्टेशन पर हिंदू महासभा, संघ वालों ने जाकर भगवा झंडा दिखाया. तब बाबा साहब ने कहा कि क्या मैं इस झंडे को देखने के लिए यहां आया हूं. मेरा झंडा अलग है तिरंगा झंडा. आज ये बोलते हैं कि आंबेडकर नेहरू जी के खिलाफ थे. खुद बाबा साहब ने कहा कि ये जो सम्मान मिला  कांग्रेस की वजह से मिला.

आरएसएस के नेताओं ने संविधान का विरोध किया था

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ये संविधान ऐसे ही नहीं, आजादी की लड़ाई से बना. कहा कि नेहरू ने संविधान को चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बना दिया था. महात्मा गांधी ने कहा था कि पंडित नेहरू ने मुझे अन्य बातों के अलावा संविधान सभा के गठन से उत्पन्न प्रभावों का अध्ययन करने के लिए विवश किया है. गांधी, नेहरू, आंबेडकर, आप(मोदी सरकार) नहीं सुनना चाहते तो क्या सुनना चाहते हो आप? आप तथ्यों को तोड़ मरोड़कर भ्रमित करना चाहते हो आरएसएस के नेताओं ने संविधान का विरोध किया था क्योंकि ये मनुस्मृति पर आधारित नहीं था.

संविधान से नफरत करते हैं, ये हमको पाठ पढ़ा रहे हैं

ऑर्गेनाइजर ने इसे लेकर संपादकीय भी लिखा था. न तो इन्होंने संविधान को स्वीकार किया और ना ही तिरंगा झंडे को माना और इसी वजह से 26 जनवरी 2002 को कोर्ट के आदेश पर संघ मुख्यालय पर तिरंगा मजबूरी में फहराना पड़ा. हमारा संविधान हर व्यक्ति को शक्तिशाली बनाता है. भेदभाव की गुंजाइश नहीं है लेकिन संविधान पर खतरा बना हुआ है. खड़गे ने कहा कि आप समाजवाद की बात करते हो. आप पढ़ो इसको. जो लोग झंडे से, अशोक चक्र से, संविधान से नफरत करते हैं, ये लोग आज हमको पाठ पढ़ा रहे हैं. संविधान जब बना, उस वक्त संविधान को जलाने वाले लोग हैं. जिस दिन संविधान लागू हुआ. रामलीला मैदान में नेहरू, बाबासाहब और महात्मा गांधी का पुतला रखकर  ये लोग जलाये  शर्म आनी चाहिए, इतिहास पढ़ो. संविधान बनने के बाद आप लोगों ने कैसी कैसी बातें संविधान के बारे में बोली है.

अमित शाह ने एक बड़ी वॉशिंग मशीन खरीदी है

खड़गे ने कहा  अमित शाह ने एक बड़ी वॉशिंग मशीन खरीदी है. जो भी इसके अंदर जाता है वह साफ-सुथरा निकलता है. अगर कोई राज्य या क्षेत्र आपको वोट नहीं दे रहा है, तो आपको बदला नहीं लेना चाहिए. पीएम मोदी हर जगह चुनाव के लिए जाते हैं, लेकिन वह वहां जाने के लिए तैयार नहीं हैं. आपके पास इतनी सुरक्षा है, लेकिन आप वहां (मणिपुर) नहीं जा रहे हैं. 

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