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प्रथम राज्य स्तरीय महिला पुलिस सम्मेलन में अवसर, चुनौती, भविष्य की रणनीति, महिला सुरक्षा को लेकर चर्चा

 Ranchi :  शौर्य सभागार जैप-01 में आयोजित दो दिवसीय प्रथम राज्य स्तरीय महिला पुलिस सम्मेलन 2024 का शनिवार को समापन हो गया. सम्मेलन के दूसरे दिन महिला पुलिस कर्मियों के अवसर, चुनौती एवं भविष्य की रणनीति, महिला सुरक्षा में उनकी भूमिका को सशक्त करना, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता एवं पुलिस बल में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन देने आदि बिन्दुओं पर परिचर्चा की गयी. इसमें रंजना अस्थाना सदस्य सचिव, झालसा,  डॉ अनुराधा वत्स, एनजीओ, दीपशिखा, डॉ वंदिता, डॉ अनामिका पूर्णिमा महतो, अन्तरराष्ट्रीय तीरंदाज एंव कोच रश्मि लकड़ा, मुखिया, दुधिया, भरणो, गुमला और  ज्योति सोरेन ने अपने अपने विचार रखे.

 पैनल डिस्कशन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा  

शनिवार को पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया. प्रतिभागियों ने छह मुद्दों पर प्रत्येक समूह द्वारा दिये गये सुझावों का अध्ययन, समीक्षा एवं अंतिम प्रस्तुतीकरण पर डिस्कशन किया. पैनल डिस्कशन में कई सुझाव मांगे गये और मांगें रखी गयी. (1) ट्रैफिक ड्यूटी करने वालों के लिए सप्ताह में 01 दिन की छुट्टी. (2) जिलों में कई वर्षों से रह रहे कर्मियों का ससमय स्थानान्तरण. (3) विधि-व्यवस्था ड्यूटी में जाने-आने की सुविधा. (4) छापामारी के दौरान कम से कम 04 महिला होनी चाहिए. साथ ही पुरुष भी होने चाहिए. (5) महिला थाना में पुरुषकर्मी की भी पदस्थापन होनी चाहिए. (6) महिला पुलिसकर्मियों का जब दूसरे जिला में स्थानान्तरण हो, तब उस जिले में बच्चों के स्कूल एवं कॉलेज में सत्र के बीच में नामांकन की सुविधा होनी चाहिए. (7) भाषा की जानकारी रखने वाले पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए.   प्रत्येक माह मेडिकल चेकअप होना चाहिए. (8)  कार्य अवधि के दौरान विशेष परिस्थिति में 4 से 5 घंटे की इमरजेंसी लीव मिलनी चाहिए. (9)स्वास्थ्य को देखते हुए ड्यूटी लंबे समय तक न लगाई जाये, विशेष अवकाश का पूर्ण लाभ, अवकाश हेतु ऑनलाईन   सुविधा मिले. समय पर यात्रा भत्ता मिले.

 गर्भवती महिलाओं को मिले सुविधा

प्रशिक्षण संस्थान में प्रेगनेंट महिलाओं के लिए अलग से सुविधा हो. गर्भवती महिलाओं को केवल इंडोर प्रशिक्षण दिया जाये. गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से ड्रेस कोड होना चाहिए. उनके खान-पान के लिए अलग से भत्ता मिलना चाहिए.

 समान अवसर नीति को लेकर हुई चर्चा

पैनल डिस्कशन में समान अवसर नीति पर चर्चा की गयी.  कहा गया कि आरक्षी से लेकर डीएसपी तक महिलाओं की हिस्सेदारी 33% तक हो. झारखंड राज्य में डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वरीय पदाधिकारी के लिए पेंटेनियल रिव्यू कैडर रिव्यू आवश्यक है. महिला पदाधिकारी और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति गृह प्रमण्डल के अंतर्गत होनी चाहिए. अनुसंधान विभाग एवं विधि-व्यवस्था विभाग दोनों के लिए अलग अलग प्रतिनियुक्ति नीति का अनुपालन किया जाना चाहिए. प्रत्येक जिले में महिलाओं को महिला थाना के अलावा जेनरल थाना में कम से कम 30% थाना प्रतिनिधित्व का मौका देना चाहिए. इच्छुक महिलाओं के लिए फील्ड पोस्टिंग पॉलिसी बनानी चाहिए.

मातृत्व -पितृत्व अवकाश जिला स्तर पर दिया जाना चाहिए

डीएसपी रैंक के पदाधिकारियों का वर्दी भत्ता संशोधित कर बढ़ाया जाना चाहिए. वेटिंग फॉर पोस्टिंग की अवधि निश्चित होनी चाहिए ताकि रेगुलराईज करने में दिक्कत ना हो.मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश जिला स्तर पर दिया जाना चाहिए. सप्ताह में एक दिन का अवकाश होना चाहिए. जिन महिला कर्मी की एक ही बच्चा है और पति का देहांत हो गया है, तो उनकी पोस्टिंग गृह जिला में होनी चाहिए. रात्रि ड्यूटी के दौरान कम से कम दो महिलाएं सशस्त्र होनी चाहिए.जिला स्थानांतरण के बाद यदि पूर्व जिला में गवाही देने के लिए जाना पड़े तो उनके लिए पुलिस लाईन में (महिला पुलिस क्लब या गेस्ट हाउस) की सुविधा होना चाहिए.प्रत्येक जिले में कैंटीन की सुविधा होनी चाहिए.हर जिले में एक महिला जनशिकायत पदाधिकारी की नियक्ति होनी चाहिए.महिला पुलिस कर्मियों के लिए प्रत्येक माह पुलिस मीटिंग की सुविधा होनी चाहिए ताकि वो अपनी समस्याओं को बता सकें.  

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