Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

लोकसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा, जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस काल में हुए पेपर लीक की याद दिलाई

पेपर लीक बिल पर लोकसभा में आज दोपहर दो बजे चर्चा  शुरू हुई. केंद्रीय मंत्री  जितेंद्र सिंह ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, पेपर लीक समंस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही है. अलग-अलग राज्यों में, अलग-अलग परीक्षाओं में पेपर लीक होते रहे हैं. कांग्रेस पर हमलावर होते हुए श्री सिंह ने , कांग्रेस काल में हुए 2009 में रेलवे भर्ती के पेपर लीक और 2012 के एम्स एंट्रेस पेपर लीक की याद दिलाई.
Advertisement
Advertisement

NewDelhi : पेपर लीक बिल पर लोकसभा में आज दोपहर दो बजे चर्चा  शुरू हुई. केंद्रीय मंत्री  जितेंद्र सिंह ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, पेपर लीक समंस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही है.  अलग-अलग राज्यों में, अलग-अलग परीक्षाओं में पेपर लीक होते रहे हैं. कांग्रेस पर हमलावर होते हुए श्री सिंह ने , कांग्रेस काल में हुए 2009 में रेलवे भर्ती के पेपर लीक और 2012 के एम्स एंट्रेस पेपर लीक की याद दिलाई.

 

 

जितेंद्र सिंह  ने कहा कि 1992 में कांग्रेस की सरकार के समय एक कमेटी ने केंद्रीय परीक्षा कमेटी के गठन का सुझाव दिया था. 2010 में भी एक कमेटी ने ऐसा ही सुझाव दिया था. लेकिन कांग्रेस और यूपीए की सरकारों ने सुझाव को दरकिनार कर दिया. जितेंद्र सिंह  ने लोकसभा में कहा, हमने एनटीए का गठन किया इसके लिए  2024 में पहली बार यह बिल लाया गया. यह जून 2024 में लागू हो गया.

 

 

विधेयक का  उद्देश्य  परीक्षा में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना था.  चर्चा में भाग लेते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा,  किसी को भी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.  उन्होंने पीएम का जिक्र करते हुए कहा, हमें 2024 के बिल को और मजबूती प्रदान करने की जरूरत है. हम 2024 के  कानून में संशोधन के लिए बिल लाये हैं.

 

जितेंद्र सिंह ने कहा,  स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर स्पीडी जस्टिस का प्रावधान इस नये बिल में हैं. बिल में समयसीमा तय की गयी है.दो महीने के भीतर सारी जांच पूरी की जायेगी. ट्रायल कोर्ट   तीन महीने में फेसला देगा. निर्णय आने में पांच महीने से ज्यादा समय नहीं लगेगा.  इससे पूर्व स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आज के दिन को महत्वपूर्ण करार दिया कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इस बिल पर चर्चा के लिए सहमत हो गये.

 

 बिल का उद्देश्य लोक परीक्षाओं को पहले से अधिक अधिक शुचितापूर्ण बनाना है. उन्होंने सांसदों से कहा कि  देश चाहता है कि सभी सदस्य सार्थक  और रचनात्मक विचार रखें,  जान ले  कि एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के लिए पूर्व में छह घंटे का समय तय किया गया था. विपक्षी सदस्य और दो घंटे समय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू 10 घंटे  बहस को तैयार  हो गये हैं. इसके बाद स्पीकर ने 10 घंटे चर्चा कराने की घोषणा कर दी.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही