Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान

Ranchi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा. यह सम्मान उन्हें लोक कल्याण, सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए उनके आजीवन संघर्ष के लिए प्रदान किया जा रहा है. 


बताते चलें कि पद्म भूषण पाने वालों में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, मशहूर अभिनेता मम्मूटी और उद्योगपति-बैंकर उदय कोटक प्रमुख हैं. गृह मंत्रालय के मुताबिक, विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन और भाजपा नेता वीके मल्होत्रा को भी पद्म भूषण दिया गया है.


आंदोलन की शुरुआत


शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था. उन्होंने महाजनी प्रथा और सूदखोरी के खिलाफ आवाज़ बुलंद की और ऐतिहासिक धान कटनी आंदोलन की शुरुआत की.


सामाजिक परिवर्तन का आधार


शिबू सोरेन ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार माना और 1970 से 1975 के बीच रात्रि पाठशालाओं का संचालन किया. उन्होंने शराब के खिलाफ भी आवाज उठाई और इसे आदिवासी विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया.


झारखंड की राजनीति में योगदान


शिबू सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक नेताओं में शामिल थे और अलग झारखंड राज्य के गठन की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई. वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और दशकों तक आदिवासी अधिकारों की राजनीति के केंद्रीय चेहरे बने रहे.


फैक्ट फाइल 


केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार, इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं. 


कुल 131 पद्म पुरस्कार की सूची में पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं. पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं हैं, जबकि इस सूची में विदेशी नागरिकों, एनआरआइ, भारतीय मूल के व्यक्तियों और भारत के प्रवासी नागरिकों की श्रेणी में छह लोग भी शामिल हैं, साथ ही 16 लोगों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी.नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही