Search

 
 
 

झारखंड में विस्थापन आयोग विस्थापित परिवारों के हितों की करेगा रक्षा

झारखंड सरकार ने राज्य में विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग (गठन, कार्य, दायित्व) नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य विस्थापितों के हितों की रक्षा करना और उनके पुनर्वास के लिए काम करना है.
 

Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य में विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग (गठन, कार्य, दायित्व) नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य विस्थापितों के हितों की रक्षा करना और उनके पुनर्वास के लिए काम करना है.

 

आयोग के कार्य और दायित्व

  •  विस्थापित व्यक्तियों और परिवारों का सामाजिक और आर्थिक अध्ययन
  •  सामाजिक रूप से पिछड़े व्यक्तियों और समुदायों की पहचान
  •  पुनर्वास के लिए सुझाव देना
  •  सरकारी संस्थाओं को आंकड़े उपलब्ध कराना
  •  पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

 

आयोग की संरचना

  • अध्यक्ष: सामुदायिक विकास कार्यक्रमों और विस्थापन तथा पुनर्वास के क्षेत्र में 10 वर्षों का कार्य अनुभव रखने वाला व्यक्ति
  • सदस्य: प्रशासनिक सेवा का रिटायर अधिकारी जो संयुक्त सचिव स्तर से कम का न हो
  • सदस्य: जिला जज स्तर के विधि विशेषज्ञ
  • एसटी, एससी और ओबीसी समुदाय से तीन सदस्य
  • संबंधित क्षेत्र के डीसी, जिला परिषद के अध्यक्ष, संबंधित प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष और पारंपरिक ग्राम प्रधान

 

आयोग के लिए अनुदान

सरकार आयोग को समय-समय पर अनुदान के रूप में राशि उपलब्ध कराएगी, जिससे आयोग अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से कर सके. बताते चलें कि राज्य में एनएचएआई, एनटीपीसी, गेल, सीसीएल, बीसीसीएल, ईसीएल जैसी कंपनियों की परियोजनाओं के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. इसके अलावा, विभिन्न डैमों और सिंचाई परियोजनाओं के कारण भी भारी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही