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Jamtara News: जिप बोर्ड बैठक में अफसरों की गैरहाजिरी पर नाराजगी, कन्यादान योजना बना मुद्दा

जिला परिषद कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जिला परिषद बोर्ड की बैठक अधिकारियों की गैरहाजिरी को लेकर हंगामेदार रही. जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक के निर्णयों और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
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Jamtara: जिला परिषद कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जिला परिषद बोर्ड की बैठक अधिकारियों की गैरहाजिरी को लेकर हंगामेदार रही. जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक के निर्णयों और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. इसके बाद विभागवार योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) असीम किस्पोट्टा भी मौजूद रहे.

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बैठक के दौरान कई विभागों के अधिकारी स्वयं उपस्थित नहीं हुए और अपने प्रतिनिधियों को भेज दिया. इस पर जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी जिला परिषद और जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यदि किसी अधिकारी के लिए बैठक में आना संभव नहीं है तो वे अनुपस्थित रहें, लेकिन प्रतिनिधि भेजकर औपचारिकता पूरी न करें. प्रतिनिधि योजनाओं की सही और संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाते, जिससे विकास कार्यों की समीक्षा प्रभावित होती है."

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डीडीसी असीम किस्पोट्टा ने भी अधिकारियों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. इसके बाद पूरी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित हो सके.

 

बैठक में सामाजिक सुरक्षा विभाग की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना भी चर्चा का प्रमुख विषय रही. अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष की राशि मार्च के अंतिम दिनों में मिलने के कारण लाभुकों को भुगतान नहीं हो सका. अब लाभुकों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है.

 

इस पर जिला परिषद सदस्यों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जिन आवेदनों का पहले ही सत्यापन हो चुका है, उनका पुनः सत्यापन कराना अनावश्यक है. सदस्यों ने इसे विभागीय लापरवाही करार देते हुए कहा कि पुनः सत्यापन का निर्देश केवल मौखिक रूप से दिया गया है, जबकि विभाग की ओर से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया.

 

बैठक में शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों, बंद पड़े जलमीनारों, पेयजल व्यवस्था और अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई. कई विभागों के प्रतिनिधि योजनाओं की अद्यतन जानकारी देने में असमर्थ रहे, जिस पर सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की. कई विभागों ने लंबित योजनाओं के संबंध में राज्य सरकार से आवश्यक आदेश नहीं मिलने की बात भी कही.

 

बैठक में सभी लंबित विकास योजनाओं को शीघ्र पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया.

 

बैठक में नाला विधायक प्रतिनिधि परेश यादव, सुरेंद्र मंडल, जिमोली बास्की, बंदना देवी, रीना मंडल, लुखीमुनी सोरेन, अरविंद मुर्मू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे.

 

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