- CSP परिसर में पर्याप्त पार्किंग विकसित करें, सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग रोकें
- ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा सुविधाएं विकसित करें
- सरकार को 6 माह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश
- PIL निष्पादित
Ranchi: सरायकेला-खरसावां में रुंगटा के चालयामा स्टील प्लांट (CSP) से ट्रकों की लगातार आवाजाही और प्लांट के गेट के बाहर सड़कों पर ट्रकों का जमावड़ा से ट्रैफिक आवागमन में बाधा आने से संबंधित नागेश्वर आचार्य की जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने यह माना कि स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मौलिक अधिकार है तथा खतरनाक उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान करना राज्य का दायित्व है.
साथ ही उद्योगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों का असंतुलित उपयोग स्वीकार्य नहीं है. कोर्ट ने पाया कि CSP द्वारा पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था न होने से सार्वजनिक सड़कों का दुरुपयोग हो रहा है और क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं भी अपर्याप्त हैं.
क्या है हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे झारखंड बिल्डिंग बायलॉज, 2016 के नियम 41 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. CSP परिसर में पर्याप्त पार्किंग विकसित करें, सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग रोकें.
सड़क एवं यातायात व्यवस्था में सुधार करें, ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा सुविधाएं विकसित करें और CSR के माध्यम से उद्योग की भागीदारी सुनिश्चित करें. साथ ही विभिन्न उपायों को 3 से 18 माह की समयसीमा में लागू कर सरकार को 6 माह के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
क्या कहा था याचिकाकर्ताओं ने
याचिकाकर्ताओं की ओर से अनूपम आनंद ने पक्ष रखा था. उन्होंने यह आरोप लगाया गया था कि CSP में पर्याप्त पार्किंग सुविधा के अभाव में भारी वाहन सार्वजनिक सड़कों पर खड़े होते हैं जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाएं होती हैं.
साथ ही श्रमिकों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया था कि रुंगटा की उक्त स्टील प्लांट से प्रतिदिन सैकड़ो ट्रक रॉ मैटेरियल लेकर लेकर निकलती हैं और प्लांट के बाहर भी कई ट्रक खड़े रहते हैं. जिससे सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती है और ट्रैफिक आवागमन भी प्रभावित होता है.
इसलिए प्लांट के बाहर वाहनों को रखने के लिए पार्किंग फैसिलिटी उपलब्ध कराई जाए. साथ ही वहां मेडिकल फैसिलिटी की भी उपलब्धता कराई जाए ताकि किसी दुर्घटना के घायलों का इलाज तुरंत हो सके.
उद्योगों को सार्वजनिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग करना होगा
हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि उद्योगों को सार्वजनिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग करना होगा और राज्य सरकार का दायित्व है कि वह श्रमिकों एवं आम जनता की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधाओं को सुनिश्चित करें.
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