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अपमानित करने के इरादे के बिना विवाद या हमला SC-ST एक्ट अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा: हाईकोर्ट

 
Ranchi : एक केस की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने यह माना है कि जब तक किसी मामले में अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्ति पर अपमानित करने के इरादे से विवाद या हमला नहीं किया गया हो, तब तक उस अपराध को एससी-एसटी एक्ट के दायरे में नहीं माना जाएगा. दरअसल दुमका सिविल कोर्ट ने बैजनाथ सिंह और नावेद सिंह को एससी-एसटी केस में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. दोषियों की याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(x) के तहत अपराध स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान या धमकी प्रदर्शित करना आवश्यक है. किसी भी मामले में एससी/एसटी अधिनियम के तहत तब तक अपराध नहीं बनता है, जब तक कि इसका उद्देश्य विशेष रूप से पीड़ित को उनकी जाति के आधार पर अपमानित करना न हो. इसे भी पढ़ें - Weather">https://lagatar.in/weather-alert-jharkhand-will-remain-cloudy-chances-of-rain-from-february-21/">Weather

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