- धनबाद में 94 मामलों और साहेबगंज में 75 मामले पर कार्रवाई लंबित
Ranchi News: झारखंड में अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के भंडारण के मामले अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इसे रोकने के दावे सरकार के स्तर पर की जाती रही है. लेकिन कार्रवाई करने वाले पदाधिकारी मामले में चुप्पी साध लेते हैं.
अवैध खनन और परिवहन को लेकर दर्ज मामले की जांच कर कार्रवाई की जमीनी हकीकत कुछ और कहती है. शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन दर्ज शिकायतों पर जांच और कार्रवाई लंबित रहने से राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ ही अवैध खनन और परिवहन करने वालों का मनोबल भी बढ़ता रहता है.
मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ी 859 शिकायतें दर्ज हुईं. इनमें सिर्फ 416 मामलों की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) विभाग को भेजी गयी. 443 मामलों की ATR अब भी लंबित है.
इसका मतलब साफ है कि शिकायतों की जांच और कार्रवाई के बाद रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था कई जिलों में कागजों तक सीमित नजर आ रही है. कार्रवाई में देरी का सीधा फायदा अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों को मिलने की आशंका है. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो सकता है.
खनिजों की निगरानी के लिए माइनिंग इंस्पेक्टर से लेकर असिस्टेंट माइनिंग ऑफिसर, जिला खनन पदाधिकारी, डिप्टी डायरेक्टर माइंस और क्षेत्रीय पदाधिकारी तक की व्यवस्था है. इसके बावजूद सैकड़ों मामलों की ATR लंबित रहना विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
जिला खनन पदाधिकारियों और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शिकायतों की जांच करें. दोष मिलने पर कार्रवाई करें और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजें. आंकड़े बताते हैं कि इस जिम्मेदारी के निर्वहन में कई जिलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर है.
धनबाद में अवैध खनन के सबसे ज्यादा मामले
कोयला बहुल धनबाद अवैध खनन की शिकायतों में सबसे ऊपर है. दो वित्तीय वर्षों में यहां 120 शिकायतें दर्ज हुईं. 2024-25 में 87 और 2025-26 में 33 मामले सामने आए.
इन 120 मामलों में सिर्फ 26 मामलों की ATR विभाग को मिली. यानी 94 मामलों की रिपोर्ट लंबित है. यह स्थिति जिले में अवैध खनन पर निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है.
पाकुड़ में दोनों वर्षों में 93 शिकायतें दर्ज हुईं. इनमें 67 मामलों की ATR मिली. गिरिडीह में 73 शिकायतों के मुकाबले सिर्फ 29 मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट विभाग तक पहुंची.
साहिबगंज में 75 शिकायतें, कार्रवाई रिपोर्ट शून्य
ATR भेजने के मामले में साहिबगंज सबसे पीछे है. दो वर्षों में जिले में 75 शिकायतें दर्ज हुईं. 2024-25 में 55 और 2025-26 में 20 मामले सामने आए.
लेकिन विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, एक भी मामले की ATR प्राप्त नहीं हुई. यानी 75 शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति विभाग के सामने स्पष्ट नहीं है.
राजधानी रांची भी इस मामले में बहुत बेहतर स्थिति में नहीं है. यहां दो वर्षों में 64 शिकायतें दर्ज हुईं. इनमें 31 मामलों की ATR मिली, जबकि 33 मामलों की रिपोर्ट लंबित है.
इसके विपरीत रामगढ़, गुमला, खूंटी और सिमडेगा ने दर्ज शिकायतों की 100 फीसदी ATR विभाग को भेजी है.
चेकपोस्ट व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
अवैध खनन और खनिज परिवहन पर निगरानी के लिए चेकपोस्ट और चेकनाका बनाए गए हैं. लेकिन सभी जिलों में इनका संचालन एक जैसा नहीं है.
धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़ और सरायकेला-खरसावां में चेक पोस्ट चल रहे हैं. फिर भी अवैध परिवहन जारी है.
वहीं चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर ने चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए राशि की मांग की है. दूसरी ओर रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा और लोहरदगा में वर्तमान में चेकपोस्ट का संचालन नहीं होने से अवैध खनन करने वाले इसका लाभ उठा रहे हैं.
जिलावार अवैध खनन शिकायत और ATR
| जिला | 2024-25 शिकायत | 2024-25 ATR | 2025-26 शिकायत | 2025-26 ATR |
| धनबाद | 87 | 20 | 33 | 6 |
| पाकुड़ | 60 | 44 | 33 | 23 |
| गिरिडीह | 56 | 24 | 17 | 5 |
| साहिबगंज | 55 | 0 | 20 | 0 |
| रांची | 45 | 18 | 19 | 13 |
| बोकारो | 34 | 20 | 24 | 13 |
| चतरा | 33 | 23 | 17 | 11 |
| हजारीबाग | 28 | 14 | 8 | 1 |
| दुमका | 28 | 6 | 18 | 4 |
| पलामू | 22 | 20 | 17 | 15 |
| सरायकेला-खरसावां | 21 | 11 | 14 | 7 |
| रामगढ़ | 18 | 18 | 11 | 11 |
| देवघर | 16 | 5 | 5 | 3 |
| जामताड़ा | 12 | 8 | 11 | 4 |
| कोडरमा | 12 | 11 | 9 | 8 |
| चाईबासा | 10 | 9 | 5 | 4 |
| सिमडेगा | 9 | 9 | 3 | 3 |
| जमशेदपुर | 8 | 1 | 8 | 8 |
| लोहरदगा | 8 | 1 | 4 | 1 |
| गुमला | 5 | 5 | 2 | 2 |
| लातेहार | 5 | 4 | 4 | 3 |
| खूंटी | 2 | 2 | 2 | 2 |
| गोड्डा | 1 | 1 | 0 | 0 |
| गढ़वा | 0 | 0 | 0 | 0 |
| कुल | 575 | 269 | 284 | 147 |
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
