- बोर्ड के डॉ एबीके बाखला बोले- सदर अस्पताल प्रबंधन को जानकारी देकर गया जमशेदपुर
यूडीआईडी कार्ड के लिए डेढ़ महीने से चक्कर काट रही दिव्यांग मीसा भारती
संतोष ने कहा कि दिव्यांग बोर्ड में शामिल होने के लिए आए बच्चों-बुजुर्गों को एक ग्लास पानी तक के लिए मोहताज रहना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिव्यांग मीसा भारती यूडीआईडी कार्ड के लिए पिछले डेढ़ महीने से सदर अस्पताल का चक्कर काट रही हैं, लेकिन उसे कार्ड नहीं दिया गया. जबकि नियम के अनुसार 7 से 10 दिन के अंदर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद कार्ड दे देना चाहिए.जमशेदपुर कोर्ट में गवाही थी, जानकारी देकर गया
वहीं दिव्यांग बोर्ड के चिकित्सक डॉ एबीके बाखला ने कहा कि बुधवार को मेरी गवाही जमशेदपुर कोर्ट में होनी थी. जिसके लिए मैं जमशेदपुर गया हुआ था. इसकी जानकारी बाकायदा एप्लीकेशन के माध्यम से सदर अस्पताल प्रबंधन को दे दिया था. प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था करने को भी कहा था. दिव्यांगजनों को हुई असुविधा के लिए खेद है. इसे भी पढ़ें – निगम">https://lagatar.in/corporation-workers-on-strike-people-kept-circling-the-office/">निगमकर्मी हड़ताल पर, लोग लगाते रहे कार्यालय का चक्कर [wpse_comments_template]
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