Ranchi : कोरोना की दूसरी लहर में जब हर तरफ त्राहिमाम मचा हुआ था, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण स्थिति बिगड़ गई थी, उस वक्त DMFT फंड में पैसा रहने के बाद भी राज्य के 5 जिले उसे खर्च नहीं कर पाये. सरकार ने माना है कि देवघर, पलामू, पाकुड़, लोहरदगा और साहेबगंज जिलों में कोरोना काल में डीएमएफटी की राशि खर्च नहीं हुई है. सरकार के मुताबिक, DMFT फंड में राज्य में कुल 7676.65 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से 77.99 करोड़ रुपये का खर्च स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया है, लेकिन 5 जिले एक भी पैसा खर्च नहीं कर पाये. विधानसभा में विधायक बिरंची नारायण के उठाये गये अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए सरकार ने यह जानकारी दी है.
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में 30 फीसदी राशि खर्च करने की मिली थी अनुमति
बिरंची नारायण के सवाल पर सरकार की ओर से बताया गया कि DMFT की राशि उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास और कल्याण के लिए होता है, लेकिन खान मंत्रालय ने 28 मार्च 2020 को राज्य सरकारों को कोविड महामारी की रोकथाम के लिए डीएमएफटी में उपलब्ध 30 प्रतिशत राशि खर्च करने की अनुमति दी थी.70 फीसदी राशि खर्च करने के लिए फिलहाल सरकार से NOC लेने की जरूरत नहीं
विधायक ने पूछा कि डीएमएफटी फंड की 70 फीसदी राशि खर्च करने के लिए क्या राज्य सरकार से एनओसी लेना जरूरी है. इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि फंड की राशि का उपयोग जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट नियम 2016 और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना गाइडलाइन के मुताबिक योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन के लिए वर्तमान में राज्य सरकार से एनओसी लेने की जरूरत नहीं है. इसे भी पढ़ें – अब">https://lagatar.in/now-people-of-all-classes-will-be-able-to-do-their-work-fearlessly-in-their-field-hemant-soren/">अबसभी वर्गों के लोग अपने क्षेत्र में निर्भीक होकर कर सकेंगे अपना काम : हेमंत सोरेन [wpse_comments_template]
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