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डॉक्टर हत्या मामला :भाजपा ने कहा, ममता के राज में कोई भी महिला सुरक्षित नहीं, मांगा इस्तीफा

  NewDelhi :  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोलकाता में एक डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में पीड़िता के बजाय आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया. ममता के इस्तीफे की मांग की. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि अगर ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी रहती हैं तो राज्य में कोई भी महिला सुरक्षित महसूस नहीं करेगी.

ममता बनर्जी ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं निभाई

उन्होंने कहा, आपने (बनर्जी) अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं निभाई. आपको तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. भाटिया ने आरोप लगाया कि उन्होंने उस अपराध के आरोपी को बचाने की कोशिश की, जिसने पूरे देश को स्तब्ध करके रख दिया है. भाजपा प्रवक्ता ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने से पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से की गयी आलोचनात्मक टिप्पणियों का हवाला दिया और मुख्यमंत्री को निर्ममता कहकर संबोधित किया.

सीबीआई पूरी जांच सुनिश्चित करेगी   दोषियों को फांसी दी जायेगी

उन्होंने विश्वास जताया कि सीबीआई पूरी जांच सुनिश्चित करेगी और दोषियों को फांसी दी जायेगी. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय पुलिस ने पहले पीड़िता के माता-पिता को सूचित किया कि उनकी बेटी बीमार है और फिर दावा किया कि उसने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने कहा कि पीड़िता के शव को देखने के लिए माता-पिता को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा. भाजपा प्रवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि सबूत नष्ट करने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की गयी.

पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की संभावना को खारिज कर दिया था

भाटिया ने कहा कि विस्तृत जांच करने से पहले पुलिस ने सामूहिक बलात्कार की संभावना को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दूसरे कॉलेज में उसी पद पर स्थानांतरित कर दिया. कथित तौर पर आरोपियों को बचाने और मामले को रफादफा करने की कोशिश के लिए बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस ने शुरू में प्राथमिकी दर्ज नहीं की और मामले को अप्राकृतिक मौत करार दिया.

 भाजपा ने संदेशखाली मामले का जिक्र किया

बनर्जी ने इस मामले की जांच को लेकर अपनी नाराजगी प्रकट की थी और कहा था कि अगर कुछ दिनों में मामला नहीं सुलझा तो वह इसे सीबीआई को सौंप देंगी. भाटिया ने इसे सबूत नष्ट करने का प्रदेश सरकार की ओर से जानबूझकर किया गया प्रयास करार दिया और कहा कि ऐसे मामलों में पहले 48 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. उन्होंने संदेशखाली मामले का भी जिक्र किया जिसमें तृणमूल कांग्रेस का एक स्थानीय मजबूत नेता मुख्य आरोपी था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में भी आरोपी को बचाने की कोशिश की और अदालत द्वारा सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी.

बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाये जाने पर चुप्पी साधे जाने की आलोचना की 

उन्होंने कहा कि डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस में विश्वास की कमी व्यक्त की है. भाटिया ने विपक्षी गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (‘इंडिया’) की भी आलोचना की, जिसमें तृणमूल कांग्रेस भी एक महत्वपूर्ण घटक है. उन्होंने कहा कि यह विपक्षी दलों की राजनीतिक संस्कृति ही है जो वे ऐसे मामलों में भी राजनीतिक कारणों से चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने विपक्षी दलों पर बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाये जाने पर चुप्पी साधकर अल्पसंख्यक वोट, खासकर मुसलमानों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

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