Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

डॉक्टर रेप-हत्या मामला : भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधा, अधीर रंजन ने कहा, ममता तानाशाह

सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी मोहब्बत की दुकान केवल अपराधियों, भ्रष्ट व्यक्तियों और बलात्कारियों द्वारा चलाई जाती है.  NewDelhi/Kolkata :   कोलकाता में एक महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर निशाना साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने शुक्रवार को पूरे देश में प्रदर्शन किया. आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में पश्चिम बंगाल में संविधान के मूल मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है.

विपक्षी दल महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों पर चुप हैं

कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि विपक्षी दलों ने महिलाओं के प्रति घृणा और उपेक्षा की खतरनाक मानसिकता का प्रदर्शन किया है तथा कन्नौज से कोलकाता तक अपराधियों को संरक्षण दिया है. उन्होंने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी मोहब्बत की दुकान केवल अपराधियों, भ्रष्ट व्यक्तियों और बलात्कारियों द्वारा चलाई जाती है.राजस्थान में भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों पर चुप हैं.

क्या उस मंजिल पर किसी ने महिला की चीखें नहीं सुनीं?

भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि  सवाल यह उठता है कि क्या उस मंजिल पर किसी ने महिला की चीखें नहीं सुनीं?.क्या यह सिर्फ एक बलात्कारी का कृत्य था? क्या यह संभव है कि बलात्कारी महिला पर इतना अत्याचार कर रहा था, फिर भी किसी ने उसकी चीखें नहीं सुनीं? वह कौन व्यक्ति है जिसके कारण बलात्कारी को अस्पताल में यह आश्वासन मिला कि वह बलात्कार कर सकता है और फिर बिना किसी डर के घर जा सकता है?

चौधरी ने दावा किया, पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं है

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं है और ममता बनर्जी एक तानाशाह हैं और अपराधियों को संरक्षण दे रही हैं. उन्होंने पूछा कि उनकी पार्टी अब भी उनके साथ गठबंधन में कैसे रह सकती है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में कहा कि बनर्जी सत्ता के नशे में इतनी चूर हैं कि वह भगवान राम को गाली देने से भी नहीं हिचकिचातीं. सिंह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने मां, माटी, मानुष के सिद्धांतों को त्याग दिया है. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक में कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय को पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस पर भरोसा नहीं है और उसने अपराध की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है.

  एनसीडब्ल्यू ने अपराध स्थल से साक्ष्यों को मिटाने का आरोप लगाया  

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने आरोप लगाया कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिस स्थान पर 31 वर्षीय डॉक्टर के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी वहां अचानक मरम्मत कार्य किया गया,  जिससे यह आशंका है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए वहां मरम्मत कार्य किया गया.   एनसीडब्ल्यू ने इस घटना के संबंध में अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और जांच में खामियों का खुलासा किया. एनसीडब्ल्यू को मामले की जांच के दौरान पता चला कि घटना के दौरान वहां कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे रात्रि पाली के दौरान ड्यूटी पर आये चिकित्सक, इंटर्न और नर्सों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गयी.

पुलिस को अपराध स्थल को तुरंत सील कर देना चाहिए था

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अपराध स्थल पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ किये जाने की आशंका है. उसने कहा कि जिस स्थान पर महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार किया गया था, वहां अचानक मरम्मत कार्य किया गया. एनसीडब्ल्यू ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस को अपराध स्थल को तुरंत सील कर देना चाहिए था. उसने कहा कि अस्पताल में महिला चिकित्सा कर्मचारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था, जिसमें खराब रखरखाव वाले शौचालय, रोशनी की अपर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षा उपायों का भी पूर्ण अभाव था. एनसीडब्ल्यू ने स्वत: इस मामले का संज्ञान लिया था और जांच के दौरान यह खुलासे किये. कोलकाता की घटना के संबंध में मीडिया में जारी हुई खबरों के आधार पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की जांच शुरू की थी.

आयोग की सदस्य 12 अगस्त को कोलकाता पहुंची थी

आयोग ने 10 अगस्त 2024 को कोलकाता के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई और घटना की गहन जांच की मांग की थी. एनसीडब्ल्यू ने इस घटना की गहनता से जांच करने के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की था, जिसमें एनसीडब्ल्यू सदस्य डेलिना खोंगडुप और पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वकील सोमा चौधरी शामिल थीं. आयोग की सदस्य 12 अगस्त को कोलकाता पहुंची थी और तब से प्रशिक्षु डॉक्टर की मौत की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है. एनसीडब्ल्यू ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा कि घटना के बाद इस्तीफा देने वाले अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल से अभी पूछताछ की जानी है. समिति ने आग्रह किया कि बिना देरी किए इन पहलुओं की गहन जांच की जाये.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही