मंत्री योगेंद्र साव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ,अंतिम मामले में हाईकोर्ट ने दी बेल
क्या कहते हैं लोग
सदर प्रखंड के पांडेयपुरा गांव के मिथिलेश प्रसाद ने बताया कि वे 11 बजे से अपने मरीज को लेकर सदर अस्पताल के ओपीडी में आये हैं, लेकिन यहां कोई चिकित्सक नहीं है. उन्होंने कहा कि अस्पताल के जीर्णोद्धार व रंग रोगन में करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. सदर प्रखंड के सबानो गांव के उमेश यादव ने भी बताया कि वे तकरीबन साढ़े 11 बजे से सदर अस्पताल में आये हैं. लेकिन अबतब से चिकित्सक नहीं हैं. पूछने पर कभी बताया जाता है कि डॉक्टर पोस्टमार्टम करने गये हैं, तो कभी बताया जाता है कि वार्ड में राउंड में गये हैं. उन्होंने कहा कि अगर चिकित्सक पोस्टमार्टम कर रहे हैं या राउंड में हैं तो ओपीडी में चिकित्सक की कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी.alt="" width="1024" height="846" />
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
इस संबंध में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है. ऐसे में कभी-कभी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. तीन चिकित्सकों को किसी मामले की जांच करने के लिए मनिका प्रखंड मुख्यालय भेजा गया है. कभी किसी चिकित्सक के वार्डों में राउंड में चले जाने के बाद ओपीडी में थोड़ी परेशानी हो जाती है. उन्होंने कहा कि व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें- BREAKING">https://lagatar.in/breaking-police-encounter-with-the-squad-of-naxalite-misir-besra-a-reward-of-one-crore-in-chaibasa-demolished-the-bunker/">BREAKING: चाईबासा में एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़, बंकर को किया ध्वस्त [wpse_comments_template]

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