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धनबाद में कोरोना की बढ़ती रफ्तार से चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी भी चिंतित

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद जिले में इधर के दिनों में कोरोना तेजी से पैर फैला रहा है.  विगत तीन दिन में 11 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है. इनमें 6 मरीज धनबाद के हैं. इधर आवश्यक उपकरणों के अभाव में आरटीपीसीआर जांच बंद है. विगत दो माह से धनबाद के सदर समेत तमाम सीएचसी में टीकाकरण भी बंद है. अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग की इन कमजोरियों से स्वास्थ्यकर्मी व चिकित्सक भी चिंतित हैं. फलस्वरूप आम लोगों के बीच भी गलत संदेश जा रहा है. लोगों को एक बार फिर कोरोना का डर सताने लगा है. इधर जिम्मेवार अधिकारी-कर्मी जिले में मॉक ड्रील कर लोगों के बीच मुकम्मल तैयारी का ढोल पीटने में लगे हैं.

  सरकार शीघ्र वैक्सीन मुहैया कराए

वैक्सीनेशन तथा आरटीपीसीआर जांच बंद होना चिंता का सबसे बड़ा कारण है. कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने सदर अस्पताल पहुंचे सुरेश रजवार, सोनू तुरी, कौशल्या देवी तथा सतीश विश्वकर्मा बताते हैं कि वे दूसरी डोज लेने के लिए आये थे. परंतु उन्हें अस्पताल कर्मियों ने बताया कि वैक्सीनेशन बंद है. उन्होंने कहा कि बढ़ते मामलों को देखकर स्वास्थ्य विभाग व सरकार को जल्द से जल्द वैक्सीन मुहैया कराना चाहिए.

 संक्रमितों की बढ़ती संख्या बढ़ा रही चिंता

धनबाद में बुधवार 19 अप्रैल की देर शाम तक कोरोना से संक्रमित आठ मरीज पाए गए. इससे पहले मंगलवार को दो और सोमवार को एक  संक्रमित पाया गया था. इन 11 मरीजों में 6 धनबाद के धोवाटांड़, गांधीनगर, हीरापुर, मनईटांड़, धैया, गोविंदपुर के एक-एक है. इसके अलावा जामताड़ा का एक व साहिंबगंज का एक मरीज है. जो सदर अस्पताल के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में पढ़ाई कर रही है. इन सभी मरीजों को सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है. इन लोगों के संपर्क में आने वालों की जांच की जा रही है.

   पिछले दो माह से बंद है टीकाकरण

धनबाद के तमाम प्रखंडों के सीएचसी में पिछले दो महीनों से टीकाकरण बंद है. मुख्य कारण वैक्सीन की कमी बताया जा रहा है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 10 से 30 लोग वैक्सीनेशन  के लिए आ रहे हैं. लेकिन उन्हें बैरंग लौट जाना पड़ रहा है. अस्पताल कर्मियों की मानें तो वैक्सीन की कमी के कारण फरवरी माह से ही अस्पताल में वैक्सीनेशन बंद कर दिया गया है.

  चिंता तो है, मगर डरने की जरूरत नहीं : सिविल सर्जन

इस मामले में सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा का कहना है कि जिले में  पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय जरूर है. परंतु हमें डरने की जरूरत नहीं. कोरोना अब ताकतवर नहीं रहा. फिलहाल तमाम कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. वैक्सीनेशन और आरटीपीसीआर जांच को लेकर सरकार को लिखा गया है. जल्द ही जांच शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों को डरने की जगह सतर्क रहने की जरूरत है. [wpse_comments_template]

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