Koderma : झारखंड में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की अनुशंसा सरकार ने कर दी है. इस बिल को कैबिनेट से पारित भी करा दिया गया है. सरकार के इस कदम पर राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और आईएमए ने हर्ष जताया है. झासा के राज्य शाखा उपाध्यक्ष डॉ. शरद कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को धन्यवाद दिया है. साथ ही उनका आभार व्यक्त किया है. ज्ञात हो कि पिछले सात वर्षों से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं झासा द्वारा लगातार इस एक्ट को लागू करने की मांग की जा रही थी. इस बाबत दोनों संगठनों ने कई बार काला बिल्ला लगाकर एवं कार्य बहिष्कार कर अपना विरोध भी दर्ज करा चुका है. 1 मार्च को भी अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर दोनों संगठनों ने पूरे राज्य में सरकारी एवं गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य बहिष्कार किया. जिसका पूरे राज्य में व्यापक असर देखने को मिला. मांगे पूरी नहीं होने पर संगठन ने 13 मार्च से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की बात कही थी. लेकिन सरकार ने पहल की और 11 मार्च को दोनों संगठनों के शीर्ष नेतृत्व से विभागीय मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने बात की और भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर जल्द ही सरकार द्वारा फैसला लिया जाएगा. इस आश्वाशन पर 13 मार्च से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया गया. 15 मार्च बुधवार को कैबिनेट द्वारा मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को पारित कर दिया गया है. इस निर्णय से चिकित्सको में काफी हर्ष है. इसे भी पढ़ें : तेजस्वी">https://lagatar.in/tejashwi-yadav-gets-a-blow-from-delhi-hc-will-have-to-appear-before-cbi-on-march-25/">तेजस्वी
यादव को दिल्ली HC से झटका, 25 मार्च को CBI के सामने होना होगा पेश झासा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. शरद कुमार एवं आईएमए कोडरमा के सचिव डॉ. नरेश पंडित ने संयुक्त रूप से कहा कि यह बिल पारित होने से चिकित्सक निर्भिक होकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे पाएंगे. साथ ही इन दोनों से कोडरमा सहित राज्य के सभी चिकित्सकों का भी आभार प्रकट किया. कहा कि हम संगठित होकर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे, तभी हमारी मांगें पूरी होगी. आईएमए उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के संयुक्त सचिव डॉ. रमण कुमार ने भी कहा कि अब तक देश के 22 राज्यों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू था. सरकार ने हमारी बहुत पुरानी मांग पूरी की है, पर अभी यह अधूरा है. जब यह विधानसभा के पटल पर पारित हो जायेगा, तभी इसकी अधिसूचना जारी हो पाएगी. हमलोग उम्मीद करते हैं कि सरकार जल्द ही विधानसभा में भी इस बिल को पारित करवा लेगी. यह बिल चिकित्सक और मरीज दोनों के हित में है. इसे भी पढ़ें : अपराधियों">https://lagatar.in/the-police-showed-readiness-to-punish-the-criminals-and-the-court-also-gave-its-verdict-immediately-read/">अपराधियों
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झारखंड में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की अनुशंसा से डॉक्टरों में हर्ष

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