Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Doctors Day :  झारखंड के डॉक्टरों की मांग, अस्पतालों में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो

Ranchi : नेशनल डॉक्टर्स डे पर झारखंड के डॉक्टरों ने लोगों से स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज तभी मिल सकता है, जब डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित माहौल में काम कर सकें. साथ ही डॉक्टरों ने राज्य में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने की मांग दोहराई.

 

डॉक्टरों ने कहा कि राज्य में मेडिकल लापरवाही के आरोपों के बाद कई बार डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला किया गया है. अस्पतालों में तोड़फोड़ और हिंसा की गई है, इससे न केवल डॉक्टरों का मनोबल टूटता है, बल्कि अन्य मरीजों का इलाज भी प्रभावित होता है.

 

झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन के सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह ने कहा कि डॉक्टर हर मरीज की जान बचाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार सभी प्रयासों के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीज के परिजनों के दुख का सम्मान करते हैं और उनसे भी डॉक्टरों की परिस्थितियों को समझने की अपेक्षा रखते हैं.

 

डॉ. मृत्युंजय सिंह ने कहा  कि डॉक्टरों पर होने वाली हर हिंसक घटना स्वास्थ्यकर्मियों में डर पैदा करती है. इसी वजह से झारखंड में वर्ष 2001 से मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर हमला गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाना चाहिए. बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत करीब 20 राज्यों में ऐसा कानून पहले से लागू है.

 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रांची शाखा के अध्यक्ष डॉ. शेखर चौधरी काजल ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की मांग जारी रहेगी, लेकिन समाज के सभी लोगों को भी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील होना होगा. उन्होंने कहा कि आपसी समझ और सहयोग से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.

 

रिम्स के शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. पार्थ कुमार चौधरी ने कहा कि अस्पतालों में हिंसा का सबसे ज्यादा नुकसान गंभीर मरीजों को होता है. उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर हमले के डर से गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर कर देते हैं, जिससे इलाज का सबसे महत्वपूर्ण समय निकल जाता है और कई मरीजों की जान चली जाती है. उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट सिर्फ डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की जान बचाने के लिए भी जरूरी है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही