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गिरिडीह के अस्पतालों में दोपहर तक चली डॉक्टरों की हड़ताल, इमरजेंसी सेवा रही बहाल

जमशेदपुर की घटना के विरोध में आईएमए व झासा ने की थी हड़ताल की घोषणा

Giridih : जमशेदपुर की घटना के विरोध में सदर अस्पताल गिरिडीह सहित जिले के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के डॉक्टर 22 सितंबर की दोपहर 12 बजे तक हड़ताल पर रहे. सरकार द्वारा मांगें मान लेने के बाद दोपहर में हड़ताल समाप्त हो गई और डॉक्टर काम पर लौट आए. हड़ताल का आह्वान आईएमए व झासा ने किया था. आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. विद्याभूषण ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी व राज्य सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली गई. हालांकि हड़ताल के दौरान सदर अस्पताल सहित सभी नर्सिंग होम में इमरजेंसी सेवा बहाल रही. ओपीडी सेवा दोपहर करीब 12:30 बजे तक बंद रही. कार्य बहिष्कार की घोंषणा के कारण सदर अस्पताल में आम दिनों की तरह मरीजों की भीड़ नहीं देखी गई.

सदर अस्पताल में गुरुवार की शाम से पड़ा रहा शव

पिरटांड़ प्रखंड के घोरवाद निवासी 40 वर्षीय पूरन की बराकर के पास हादसे में मौत हो गई थी. उसकी पत्नी डांडिया देवी ने बताया कि पति का शव लेकर वह गुरुवार की शाम 4 बजे सदर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण पोस्टमार्टम नहीं किया गया. शव रात भर अस्पताल में ही पड़ा रहा. हालांकि सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि टीम गठित कर जल्द ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. यह भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-truck-loaded-with-cattle-seized-in-taratand-27-animals-recovered/">गिरिडीह

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