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हो गया खेला : एक सीओ ने किया म्यूटेशन आवेदन खारिज, दूसरे ने किया मंजूर

अरबों की जमीन का गलत तरीके से नामांतरण करने की शिकायत Sunil Kumar Latehar : सदर अंचल लातेहार में इन दिनों अवैध ढंग से दाखिल -खारिज (म्यूटेशन) का मामला चर्चा में है. ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ है. यह मामला लगभग चार एकड़ कीमती जमीन से जुड़ा हुआ है. सदर अंचल के हल्का संख्या 7 मौजा मनन चोटाग निवासी आनंद कुमार महालका की जमीन को गैर कानूनी ढंग से वर्तमान सीओ रूद्र प्रताप द्वारा दूसरे के नाम पर नामांतरण कर दिया गया है, जबकि खाता 4, प्लॉट 7,8 एवं 9 की क्रमशः 10 डिसमिल, 2 एकड़, 83 डिसमिल एवं एक एकड़ 38 डिसमिल भूमि के नामांतरण के लिए अभय कुमार कुशवाहा व पुनीत पाल सिंह भरारा नामक आवेदक ने वर्ष 2018-19 में लातेहार सदर अंचल में आवेदन दिया था. तत्कालीन सीओ हरीश कुमार ने उक्त आवेदन पर सुनवाई (मुकदमा संख्या 310 / 2018- 19 के तहत) की और पाया कि जमीन का बिहार स्टेट लेदर इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम नीलामी का आदेश तो हुआ है, लेकिन कैसे हुआ, यह स्पष्ट नहीं है. जमीन आवेदन की तिथि में आनंद कुमार महलका के नाम दर्ज हैं और आनंद द्वारा कोई हस्तांतरण नहीं किया गया है, इस वजह से तत्कालीन अंचलाधिकारी हरीश कुमार ने उक्त आवेदन को खारिज कर दिया. लेकिन अंचलाधिकारी का ट्रांसफर होते ही भूमि माफियाओं ने सांठगांठ कर पुनः नामांतरण के लिए आवेदन दिया. वर्तमान अंचलाधिकारी रूद्र प्रताप ने पुराने खारिज हुए मामले को नजरअंदाज करते हुए मुकदमा संख्या 943 21/ 22 के तहत सुनवाई कर विवादित भूमि के नामांतरण आवेदन को स्वीकार कर लिया.

भारी रकम अवैध वसूली की शिकायत

गलत तरीके से म्यूटेशन के मामले में अंचल कार्यालय पर अवैध मोटी रकम वसूली का आरोप लगा है. पीड़ित का कहना है कि अरबों रुपये की इस भूमि को लिक्विडेटर अभय कुमार कुशवाहा व पुनीत पाल सिंह भरारा ने एक स्थानीय भू-माफिया के हाथों बेच दिया. भू-माफियाओं की मिलीभगत से अंचल कार्यालय द्वारा नियम कानून को ताख पर रख कर पूर्व में रद्द किए गए मामले को दरकिनार कर पुन: नामांतरण कर दिया गया है. भुक्तभोगी का कहना है कि इस अवैध काम में 50 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है.

स्थानीय सांसद ने किया विरोध

स्थानीय सांसद सुनील कुमार सिंह ने लातेहार सदर अंचल में व्याप्त अनियमितता का मामला जिला स्तरीय दिशा कार्यक्रम की बैठक में उठाया था. इस बाबत जब सांसद सिंह से शुभम संदेश द्वारा पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मामला है. अंचल कर्मियों ने पूर्व के आदेश को दरकिनार करते हुए गैरकानूनी ढंग से अभय कुमार कुशवाहा एवं पुनीत पाल सिंह भरारा के नाम से नामांतरण किया है. उन्होंने बताया कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

जमीन उनकी, बिना पैसे दिया कर लिया का अधिग्रहण : उषा देवी

भुक्तभोगी स्व. आनंद कुमार महालका की पत्नी उषा देवी का कहना है कि यह उनकी जमीन है. बिहार स्टेट लेदर इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन उनसे एवज में किसी तरह की राशि का भुगतान नहीं किया गया था. उनके पति मामले को न्यायालय में ले गए, बावजूद जबरन कंपनी ने लिक्विडेशन में जाकर माफियाओं के साथ मिलकर उनकी जमीन का नामांतरण करा लिया है, जो गैरकानूनी है. उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी से मामले की सुनवाई तक नामांतरण नहीं करने का अनुरोध करती रहीं, लेकिन गैर कानूनी ढंग से लिक्विडेटर के नाम पर नामांतरण कर दिया गया. अवैध जमाबंदी, सरकारी जमीन की खरीद- बिक्री एवं नामांतरण का खेल बेरोक-टोक चल रहा है. वर्षों से विवादित रहे मामलों का भी निपटारा कर दिया जा रहा है, जिसे लेकर इन दिनों सदर अंचल कार्यालय काफी चर्चा में है.

सीओ ने फोन रिसिव नहीं किया

मामले में पक्ष लेने के लिए शुभम संदेश संवाददाता ने सीओ रूद्र प्रताप के फोन नंबर 9534102095 पर कई दफा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया. मामले में सीओ का पक्ष मिलता है, तो उसे भी हम प्राथमिकता से प्रकाशित करेंगे. इसे भी पढ़ें : क्रिकेटर">https://lagatar.in/cricketer-rishabh-pants-surgery-lasted-for-three-hours-will-be-kept-under-observation-for-3-to-4-days/">क्रिकेटर

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