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इस तरह बेदर्दी से मत काटो मुझे, आखिर क्या गुनाह है मेरा

Hazaribagh : हजारीबाग स्थित कटकमसांडी प्रखंड के बहिमर गेट के निकट गुरुडीह स्थित लकराही जंगल में बेदर्दी से शीशम और सागवान के कई बेशकीमती पेड़ काट डाले गए. वन माफियाओं की इस करतूत से जंगल के बेजुबां पेड़ कांप रहे हैं. हरे-भरे वृक्षों के कटे हुए टुकड़े चीख-चीखकर वन माफियाओं की निर्दय कर्मों की दास्तां बयां कर रही है. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पेड़ दर्द से कराह उठे हों और वन विभाग के कर्मियों से जीवन सुरक्षित करने की गुहार लगा रहे हैं. साथ ही माफियाओं से पूछ रहे हैं कि इस तरह बेदर्दी से मुझे मत काटो, आखिर उनका गुनाह क्या है? वह तो गर्मी में छाया, बारिश में पानी और फल-फूल के साथ इमारती लकड़ियां ही तो देते हैं. इस तरह काटने से तो पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है. लेकिन वन माफियाओं को इन मूक बने पेड़ों के दर्द भरे अल्फाज कहां सुनाई देते हैं. कुल्हाड़ी और आरा मशीन से बेरहमी से सैकड़ों हरे-भरे पेड़ काट डाले गए और मोटी-मोटी लकड़ियों को छुपा कर रख दिया गया है. सूत्र बताते हैं कि यह पेड़ दो सप्ताह पहले काटे गए हैं और चोरी-छिपे अब लकड़ियों का चीरा उठाने की तैयारी चल रही है. दु:खद बात यह है कि वन विभाग के कर्मियों और अधिकारियों की नजर न तो इन काटे गए वृक्षों पर गई और न ही लकड़ियों की मोटी-मोटी गठरियों पर. [caption id="attachment_552928" align="alignleft" width="150"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/tree-12-3_811-150x150.jpg"

alt="वन माफियाओं की करतूत" width="150" height="150" /> वन माफियाओं की करतूत[/caption] इसे भी पढ़ें : कृषि">https://lagatar.in/agriculture-bill-controversy-does-not-seem-to-stop-agitation-intensifies-in-the-entire-state-demonstrations-by-wearing-black-badges/">कृषि

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जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी : रेंजर

इस संबंध में पूछे जाने पर रेंजर सुरेश चौधरी ने कहा कि हजारीबाग वन्यप्राणी अभ्यारण्य में उनकी नई पोस्टिंग हुई है. अभी क्षेत्र की जानकारी ले रहे हैं. मामला सामने आया है, तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें : ‘लिफाफा’">https://lagatar.in/governor-ramesh-bais-left-without-opening-secret-of-lifafa/">‘लिफाफा’

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