- ज्वाइनिंग के पहले दिन कहा था, रिम्स में एम्स जैसी देंगे व्यवस्था
- रिम्स डायरेक्टर ढाई साल में भी नहीं बदल पाए अस्पताल की तस्वीर
Ranchi: रिम्स डायरेक्टर पद्मश्री डॉ कामेश्वर प्रसाद संस्थान
छोड़कर जा रहे
हैं. इनके इस्तीफे की चर्चा जोरों पर
है. हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नही हुई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि जून के दूसरे सप्ताह में डॉ कामेश्वर प्रसाद चले
जाएंगे. उनके रिम्स छोड़ने की चर्चा के बीच इनकी कही एक बात याद आ रही
है. इन्होंने
ज्वाइनिंग के पहले ही दिन मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि मैं एम्स से आया
हूं. वहां की उपलब्धियां भी जानता हूं, और कमियां
भी. रिम्स को भी एम्स बना दूंगा. लेकिन हकीकत तो यह है कि एम्स बनना तो दूर, रिम्स अब पहले की तरह रिम्स भी नहीं
रहा. डॉ कामेश्वर प्रसाद ने अपने कार्यकाल में एक भी ऐसे बड़े काम नहीं किए जो इनके कार्यकाल में याद रखा जा
सके. पिछले डायरेक्टर ने एमबीबीएस सीटें
बढ़वाई थी. 150 सीट से
बढ़ाकर 180 कराया
था. इनकी योजना थी कि
एनएमसी सीट
बढ़ाकर 250 कर दे, लेकिन ऐसा नहीं करा
सके. तीन-चार विभाग खोलने का लक्ष्य था, लेकिन डॉ कामेश्वर प्रसाद एक भी नया विभाग नहीं खोल
सके. इसे पढ़ें- 28">https://lagatar.in/may-28-shameful-day-for-indian-democracy-dignity-and-tradition-were-flouted-supriyo/">28
मई का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए शर्मनाक, मर्यादा और परंपरा की धज्जियां उड़ायी गयी : सुप्रियो नहीं शुरू करा सके रिम्स में महत्वपूर्ण विभाग
रिम्स में अब भी गैस्ट्रो, हेमेटोलॉजी,
एंडोक्राइनोलॉजी विभाग नहीं
है. संबंधित विभाग के एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
हैं. जबकि डॉ. डीके सिंह के कार्यकाल में न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग शुरू किया गया
था. इन्होंने अपने कार्यकाल में सिर्फ रिसर्च को
बढ़ावा दिया, इसके अतिरिक्त मरीज हित में किसी तरह की सुविधा नहीं
बढ़ाई. रिम्स का हाल यहां तक पहुंच गया है कि मरीजों को सीरिंज, कॉटन और
आईवी सेट जैसी छोटी-मोटी चीजें भी बाहर से खरीद लानी
पड़ती है. झारखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन बने थे निदेशक
वहीं रिम्स के कुछ चिकित्सकों ने कहा कि निदेशक अपने आप को रिम्स की व्यवस्था में ढाल नहीं
पाए. एकेडमिक में उन्होंने संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए रिसर्च पर काफी काम
किया. बता दें कि डॉ कामेश्वर प्रसाद रिम्स के छात्र रहे
हैं. अपने आपको खांटी
झारखंड़ी और रिम्स को अपनी मां कहते
थे. झारखंड राज्य स्थापना दिवस (15 नवंबर 2020) को बतौर निदेशक कुर्सी पर काबिज हुए.
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की न्यूज डायरी।।29 MAY।।धनबादः करंट से 6 मजदूरों की मौत।।लातेहारः हथियार के साथ 6 उग्रवादी धराए।।JDU का हरिवंश पर निशाना।।कर्नाटक के बाद MP पर राहुल का फोकस।।इसरो की नई उड़ान।।समेत कई अहम खबरें।। झारखंड गठन के बाद ये बने रिम्स के निदेशक
- डॉ केपी श्रीवास्तव 1.03.2000 से 14.08.2002 - डॉ केपी श्रीवास्तव 15.08.2002 से 31.11.2003 -डॉ एसएन चौधरी 26.11.2003 से 27.02.2004 -डॉ एनएन अग्रवाल 28.02.2004 से 2.03.2004 -डॉ जे प्रसाद 03.03.2004 से 05.05.2004 -डॉ आलोक दुबे 06.05.2004 से 18.11.2004 - डॉ जे प्रसाद 24.11.2004 से 15.03.2006 -डॉ एनएन अग्रवाल 16.03.2006 से 19.09.2009 -डॉ एके महतो 20.09.2009 से 23.12.2010 - प्रो डॉ तुलसी महतो 23.12.2010 से 27.05.2014 - डॉ एसके चौधरी 28.05.2014 से 20.07.2015 - प्रो डॉ एस हैदर 20.07.2015 से 15.09.2015 - प्रो डॉ बीएल शेरवाल 15.09.2015 से 17.10.2017 - प्रो डॉ आरके श्रीवास्तव 17.10.2017 से 04.12.2018 -प्रो डॉ डीके सिंह 05.12.2018 से 25.06.2020 -प्रो डॉ मंजू गाड़ी 25.06.2020 से 15.11.2020 -प्रो डॉ कामेश्वर प्रसाद 15.11.2020 से 31.05.2023 [wpse_comments_template]
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