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डॉ शैलेश, डॉ जतिन व ओपी श्रीवास्तव ने हेल्थ प्वाइंट अस्पताल में दी बच्ची को नई जिंदगी

Ranchi: चाईबासा के गोईलकेरा पंचायत के धोकतौली गांव की बच्ची को नई जिंदगी मिली है. डॉ शैलेश, डॉ जतिन व डॉ ओपी श्रीवास्तव की टीम ने हेल्थ प्वाइंट अस्पताल और समाजसेवी पंकज महाराज की मदद से बच्ची के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया. आज (18 अप्रैल) को बच्ची ठीक होकर अपने घर चली गई. बच्ची को सुदुर गांव से रांची लाने और इलाज के लिए प्रबंध करने, डॉक्टरों से बात करने में डॉ अनुज कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. डॉ अनुज कुमार सोशल मीडिया से जुड़ कर गरीब व असहाय मरीजों की मदद करते हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/04/tumer.jpg"

alt="dfbdfb" width="600" height="400" /> जानकारी के मुताबिक, बच्ची की उम्र करीब 10 साल है. वह पिछले चार साल से पीठ में हुए ट्यूमर से जूझ रही थी. ट्यूमर का वजन डेढ़ किलो था. उसने कई बार चाईबासा सदर अस्पताल में जाकर इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. ट्यूमर बढ़ता ही जा रहा था. बच्ची का इलाज कभी नहीं हो पाता, अगर उसकी टीचर सोनियमा जोजो और मुक्ति बोईपाई ने हिम्मत महीं दिखायी होती. डॉ अनुज बताते हैं - दोनों शिक्षिका ने बच्ची की इलाज के लिए हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कहीं से लाभ नहीं हुआ. लेकिन दोनों ने प्रयास करना नहीं छोड़ा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/04/tumer2.jpg"

alt="dbndb" width="600" height="400" /> कुछ दिन पहले देवराज हेसा नाम के व्यक्ति ने एक्स पर उन्हें (डॉ अनुज) को टैग करते हुए बच्ची की बीमारी के बारे में बताया. तब उन्होंने बच्ची के बारे में जानकारी ली. पता चला कि उसके माता-पिता इलाज का खर्च नहीं उठा सकते. उनके पास तो रांची आने-जाने तक के लिए रुपये नहीं हैं. इलाज महंगा होने के कारण डॉ अनुज किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में जुटे, बैंगलोर निवासी पंकज महाराज, जो समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ करके हिस्सा लेते हैं, उन्होंने कुछ रुपये देने की बात की. तब बच्ची को रांची बुलाया गया. बच्ची को हेल्थ प्वाइंट अस्पताल में भर्ती कराया गया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/04/tumer3.jpg"

alt="bvfdb" width="600" height="400" /> जहां डॉ शैलेश वर्मा, डॉ जतिन सेठी, डॉ ओपी श्रीवास्तव की टीम ने बच्चों का ऑपरेशन किया. डॉ अनुज बताते हैं कि बच्ची ठीक हो सकी, क्योंकि उसकी दोनों शिक्षिकाओं ने हिम्मत नहीं हारी. उम्मीद नहीं छोड़ी. बच्ची के पीठ का ट्यूमर ठीक होने से बच्ची व उसके परिवार के लोग बहुत खुश थे. आज के व्यवसायिक दौर में, जब लोग 100 रुपये नहीं छोड़ते, हेल्थ प्वाइंट अस्पताल प्रबंधन ने मानवता का परिचय दिया. बच्ची के ऑपरेशन में करीब 4.50 लाख रुपया खर्च आया है, जबकि हेल्थ प्वाइंट को इसके बदले बहुत कम राशि मिली है. हालांकि पंकज महाराज ने और राशि उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन हेल्थ प्वाइंट अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि रुपये महत्वपूर्ण नहीं है. बच्ची ठीक होकर घर जा रही है, यह उनके अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धि है. इसे भी पढ़ें -पत्ता">https://lagatar.in/even-if-a-leaf-falls-the-electricity-is-cut-off-the-underground-cabling-itself-goes-underground/">पत्ता

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