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DRDO ने 1500-3000 किलो वजन के वॉरहेड ले जाने में सक्षम मिसाइल अग्नि प्राइम का सफल परीक्षण किया

 New Delhi : खबर है कि भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) ने तीन अप्रैल की रात ओडिशा के तट पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षण बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. सूत्रों के अनुसार अग्नि प्राइम नामक यह मिसाइल हल्के मटेरियल से बनाई गयी है. यह अग्नि-1 मिसाइल की जगह लेने वाली है. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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अग्नि प्राइम मिसाइल भारत की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड के तहत संचालित की जायेगी

नेक्स्ट जेनरेशन की अग्नि प्राइम मिसाइल का परीक्षण डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड पर किया गया. जानकारी के अनुसार अग्नि प्राइम अग्नि सीरीज की मिसाइलों में बेहद घातक, आधुनिक और मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल हैं. खबरों के अनुसार अग्नि प्राइम मिसाइल भारत की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड के तहत संचालित की जायेगी. इसका एक नाम अग्नि-पी (Agni-P) भी है. इस 34.5 फीट लंबी मिसाइल पर एक या मल्टीपल इंडेपेंडटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) वॉरहेड लगाया जा सकता हैं.

1500-3000 किलो वजन के वॉरहेड लगाये जा सकते हैं

अग्नि प्राइम मिसाइल उच्च तीव्रता वाले विस्फोटक, थर्मोबेरिक या परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इस मिसाइल पर 1500 से 3000 किलो वजन के वॉरहेड लगाये जा सकते हैं. मिसाइल का वजन 11 हजार किलो है. यह सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइल है.

अग्नि प्राइम अन्य अग्नि मिसाइलों से हल्की है

अग्नि प्राइम दो स्टेज की हैं. इसके बरक्स अग्नि-I सिंगल स्टेज मिसाइल थी. अग्नि प्राइम का वजन इसके पिछले वर्जन से हल्का बताया गया है. अग्नि प्राइम का वजन चार हजार किमी की रेंज वाली अग्नि-IV और पांच हजार किमी की रेंज वाली अग्नि-V से हल्का है. जान लें कि अग्नि-I का सफल परीक्षण 1989 में हुआ था. इसे 2004 में सेना में शामिल किया गया था. उसकी रेंज 700-900 km थी. [wpse_comments_template]

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