धनबाद में 50 प्रतिशत बिचड़ा बरबाद
धनबाद जिले में अब तक 214.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 48 प्रतिशत कम है. सामान्यत: इस अवधि तक 414.7 मिलीमीटर बारिश होती थी. कृषि पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जिले में 43 हज़ार हेक्टेयर में धान की खेती होती है. इस वर्ष इसमें से 70 प्रतिशत भूभाग पर बिचड़ा लगाया गया था. कम बारिश के कारण 50 प्रतिशत बिचड़ा बरबाद हो चुका है. यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं हुई तो जिले में सूखा की स्थिति पैदा हो जाएगी.गिरिडीह में 52 प्रतिशत कम बारिश, धनरोपनी नहीं
गिरिडीह जिले में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है. सामान्यत: इस अवधि में 394.9 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस वर्ष अब तक 190.1 प्रतिशत बारिश हुई है. कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार 21 जुलाई तक जिले में 5 प्रतिशत धनरोपनी हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक यह आंकड़ा शून्य है. जिले में 88 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है.पाकुड़ में 75 की जगह एक प्रतिशत रोपाई
पाकुड़ जिले में अब तक सामान्य से 75 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सामान्यत: इस अवधि तक 484.3 मिलीमीटर बारिश होती थी, जबकि अब तक मात्र 119.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. कृषि पदाधिकारी मुनेंद्र दास ने बताया कि सामान्यत: इस अवधि तक कुल कृषि योग्य जमीन 32 हज़ार हेक्टेयर में से 75 प्रतिशत भूभाग पर रोपाई हो जाती थी, लेकिन 20 जुलाई तक मात्र एक प्रतिशत रोपाई हो पाई है.दुमका में 30 की जगह 0.2 प्रतिशत रोपनी
दुमका में अब तक सामान्य से 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इस अवधि तक सामान्यत: जिले में 424.3 मिलीमीटर बारिश होती थी, जबकि इस वर्ष अब तक 183.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यहाँ समान्यत: 1.11 लाख हेक्टेयर भूमि पर धनरोपनी होती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक मात्र 553 हेक्टेयर में ही रोपनी हो पाई है, कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष 8325 हेक्टेयर भूमि पर धान का बिचड़ा रोपा गया है. बारिश की कमी के कारण सभी सूख रहे हैं. इस वर्ष अब तक 0.2 प्रतिशत रोपनी हुई है. जबकि पिछले वर्ष 20 जुलाई तक लगभग 30 प्रतिशत रोपनी हो चुकी थी.देवघर में रोपनी शून्य
देवघर जिले में सामान्य से 61 प्रतिशत कम बारिश हुई है. सामान्यत: दक्षिण-पश्चिम मानसून इस अवधि तक 400.8 मिलीमीटर बारिश करा देती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक मात्र 155 मिलीमीटर बारिश हुई है. कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने बताया कि देवघर में 58 हज़ार हेक्टेयर में धान की खेती होती है, लेकिन इस वर्ष अब तक कहीं भी रोपनी शुरू नहीं हो पाई है. रोपनी का आंकड़ा शून्य है.साहिबगंज में 82 प्रतिशत कम बारिश
साहिबगंज जिले में वर्षापात का आंकड़ा सबसे खराब है. यहां सामान्य से 82 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सामान्यतय: 21 जुलाई तक 491.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती रही है, जबकि इस वर्ष अब तक मात्र 87.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. जिला कृषि पदाधिकारी प्रसाद नाथ उरांव ने बताया कि अब तक रोपनी का प्रतिशत शून्य है. जिले में कहीं भी रोपनी शुरू नहीं हो पाई है. जिले में 49 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है.जामताड़ा में मात्र 120.1 मिलीमीटर बारिश
जामताड़ा जिले में सामान्य से 73 प्रतिशत कम बारिश हुई है. यहां एक जून से 21 जुलाई तक सामान्यत: 440.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक मात्र 120.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. कम बारिश की वजह से जामताड़ा जिले में भी अभी तक धनरोपनी शुरू नहीं की जा सकी है. यहां पिछले वर्ष 52000 हेक्टेयर जमीन पर धनरोपनी हुई थी.गोड्डा में रोपनी का प्रतिशत शून्य है
गोड्डा जिले में सामान्य से 69 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. 21 जुलाई तक 367.6 मिलीमीटर बारिश होती थी. इस वर्ष अब तक 113.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. कृषि विभाग के अनुसार यहां 51500 हेक्टेयर भूभाग पर धनरोपनी होती थी, लेकिन कम बारिश होने की वजह से अभी तक खेतों में रोपनी शुरू नहीं हो सकी है. अभी तक रोपनी का आंकड़ा शून्य प्रतिशत है. यह भी पढ़ें : अरुप">https://lagatar.in/police-raid-on-the-premises-of-arup-chatterjee-and-coal-dealer-manager-rai/">अरुपचटर्जी और कोयला व्यवसायी मैनेजर राय के ठिकानों पर पुलिस का छापा [wpse_comments_template]

Leave a Comment