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DSPMU के अतिथि शिक्षक पर महिला प्रताड़ना का आरोप, कक्षा लेने पर लगी रोक

Ranchi : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय(डीएसपीएमयू) हिंदी विभाग के अतिथि शिक्षक प्रियांशु कुमार उर्फ कन्हैया कुमार के कक्षा लेने पर रोक लगा दिया गया है. डीएसपीएमयू के रजिस्टार ने पत्र जारी अगले आदेश तक किसी भी विभाग में कक्षाएं लेने पर रोक लगाने की बात कही है. अतिथि शिक्षक के कक्षा लेने पर क्यों रोक लगाई गई? इस सवाल का जवाब विश्वविद्यालय को कोई भी जिम्मेवार नहीं दे रहा है. इस संबंध में जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के पीआरओ राजेश कुमार सिंह को कई बार फोन किया गया, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया. कन्हैया कुमार का भी मोबाइल बंद था. इसे भी पढ़ें –स्पेशल">https://lagatar.in/special-branch-report-amid-ed-action-offices-of-bjp-and-central-government-may-be-attacked/">स्पेशल

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छात्रा को मैसेज कर किया था मोहब्बत का इजहार

डीएसपीएमयू में चर्चा है कि अतिथि शिक्षक के खिलाफ महिला प्रताड़ना का आरोप था, इसलिए यह कार्रवाई हुई. सोशल मीडिया पर अतिथि शिक्षक ने विवि की एक छात्रा को मैसेज कर अपने मोहब्बत का इजहार किया था. छात्रा ने उनके खिलाफ शिकायत की थी. इधर अतिथि शिक्षक के खिलाफ आजसू छात्र संगठन, झारखंड छात्र दल, आदिवासी छात्र संघ, जेसीएम और एनएसयूआई ने संयुक्त रूप से विवि परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. छात्र संगठन के नेताओं का कहना था कि ऐसे अतिथि शिक्षक के कक्षा पर रोक लगाने की कार्रवाई महज खनापूर्ति है. जैसा गंभीर आरोप अतिथि शिक्षक के खिलाफ है, ऐसे में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/01/bhid6.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> छात्र नेताओं का कहना है कि डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य के बहुत करीबी और चहेते हैं अतिथि शिक्षक. कक्षा लेने से ज्यादा विवि परिसर और कार्यक्रमों में कुलपति के साथ देखे जाते हैं. कुलपति की तस्वीर सोशल मीडिया पर अतिथि शिक्षक ही जारी करते हैं. कुलपति ने कक्षा पर रोक लगाने की कार्रवाई महज दिखावे के लिए की है. ऐसे शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर विवि प्रशासन मिशाल कायम कर सकता है. मगर कुलपति अपने चहेते को बचाने में लगे हुए है. क्योंकि वह कुलपति के साथ ही रांची आया था. छात्र नेताओं का कहना है कि कन्हैया कुमार ने न तो पीएचडी की है और न ही नेट क्वालिफाई किया है. इसके बाद भी वीसी ने उन्हें हिंदी विभाग में अतिथि शिक्षक के रूप में बैठा दिया. कुलपति हमेशा अपने साथ अतिथि शिक्षक को लेकर घूमते थे. पूरी में एक कार्यक्रम में कुलपति के साथ वह देखे गए. विवि के किसी भी कार्यक्रम में अतिथि शिक्षक की भूमिका नियमित शिक्षकों से ज्यादा होती थी. हिंदी विभाग में एचओडी से ज्यादा प्रभावशाली अतिथि शिक्षक प्रियांशु कुमार थे. इसे भी पढ़ें -CGL">https://lagatar.in/cancel-cgl-exam-and-get-investigation-done-by-cbi-and-competent-agency-student-union/">CGL

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